देहरादून,
गुरु की नगरी Dehradun इन दिनों श्रद्धा, आस्था और भक्ति के रंगों में सराबोर है। ऐतिहासिक Jhande Ji Mela के अवसर पर Darbar Sahib Dehradun परिसर में देश-विदेश से पहुंच रही संगतों की भारी भीड़ उमड़ रही है। चारों ओर जयकारों, सेवा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
शनिवार को मेले की पूर्व संध्या पर दरबार साहिब के सज्जादे गद्दीनशीन Mahant Devendra Das महाराज ने संगतों को गुरु मंत्र प्रदान किया। गुरु मंत्र प्राप्त कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और स्वयं को धन्य मानने लगे। संगतों ने श्री झंडा साहिब के समक्ष शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
रविवार सुबह 7 बजे से शुरू होगी पूजा प्रक्रिया
रविवार को सुबह 7 बजे से श्री झंडे जी को उतारने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। इसके बाद संगतों द्वारा दूध, दही, घी, मक्खन, गंगाजल और पंचगव्य से पवित्र ध्वजदंड का स्नान कराया जाएगा।
वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना और अरदास के बाद सुबह 10 बजे से श्री झंडे जी पर गिलाफ चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच श्री झंडे जी का विधिवत आरोहण किया जाएगा, जो मेले का मुख्य आकर्षण होता है।
एलईडी स्क्रीन और सोशल मीडिया पर होगा लाइव प्रसारण
मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए मेला आयोजन समिति ने पांच एलईडी स्क्रीन लगाई हैं, जिन पर सभी प्रमुख धार्मिक गतिविधियों का सीधा प्रसारण किया जाएगा। इसके साथ ही फेसबुक और यूट्यूब पर भी कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया जाएगा।
10 मार्च को होगी ऐतिहासिक नगर परिक्रमा
मेले के क्रम में 10 मार्च को ऐतिहासिक नगर परिक्रमा आयोजित की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में संगतों के शामिल होने की संभावना है।
ऐतिहासिक महत्व
सिखों के सातवें गुरु Guru Har Rai के बड़े पुत्र Guru Ram Rai का जन्म वर्ष 1646 में पंजाब के कीरतपुर में हुआ था। बाद में उन्होंने देहरादून को अपनी तपस्थली बनाया और यहां विशाल ध्वजदंड स्थापित किया।
परंपरा के अनुसार होली के पांचवें दिन चैत्रवदी पंचमी को उनके जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है और इसी अवसर पर झंडा जी मेले का आयोजन होता है।
पूरब की संगतों को दी गई विदाई
मेला अधिकारी विजय गुलाटी के अनुसार परंपरा के तहत शनिवार शाम को पूरब की संगत को पगड़ी, ताबीज और प्रसाद देकर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। यह परंपरा वर्षों से मेले का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।
मेडिकल टीम और रक्तदान शिविर
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए Shri Mahant Indiresh Hospital की मेडिकल टीम मेला स्थल पर तैनात है और परिसर में मेला अस्पताल भी संचालित किया जा रहा है। अस्पताल की ओर से निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा 24 घंटे एम्बुलेंस सेवा भी उपलब्ध है।
इसके साथ ही अस्पताल के ब्लड बैंक और Shri Mahakal Seva Samiti के सहयोग से 6, 7 और 9 मार्च को स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया जा रहा है। अब तक इस शिविर में लगभग 150 यूनिट रक्तदान किया जा चुका है।
भक्ति और उल्लास से गुंजायमान रहा दरबार परिसर
शनिवार को पूरे दिन दरबार साहिब परिसर में भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा। संगतों ने गुरु महाराज के शबद का सिमरन किया और ढोल की थाप पर भजन गाते हुए भक्ति भाव से नृत्य भी किया।
पूरे परिसर में गुरु महिमा, सेवा और श्रद्धा का पवित्र वातावरण देखने को मिला और संगतें गुरु की कृपा से अभिभूत दिखाई दीं।