वर्क चार्ट और लेबर प्लान पूछने पर बगलें झांकते दिखे अधिकारी, स्मार्ट सिटी प्रबंधन को कड़ी फटकार
जून 2026 तक निर्माण पूर्ण करने का अल्टीमेटम
देहरादून ,
हरिद्वार रोड स्थित स्मार्ट सिटी लिमिटेड परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन ग्रीन बिल्डिंग कार्यों की प्रगति को लेकर बुधवार को जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार में विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्मार्ट सिटी और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “प्रोजेक्ट को तमाशा न बनाया जाए” और केवल फाइलों पर चिड़िया बिठाने तक सीमित न रहकर धरातल पर वास्तविक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। डीएम ने ग्रीन बिल्डिंग निर्माण कार्य को हर हाल में जून 2026 तक पूर्ण करने का अल्टीमेटम दिया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारियों से पर्ट चार्ट (PERT Chart), रिवाइज्ड मटीरियल प्लान एवं लेबर प्लान प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन संबंधित अधिकारी स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए, जिस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने निर्देश दिए कि आज ही संशोधित पर्ट चार्ट प्रस्तुत किया जाए तथा उसके अनुरूप मटीरियल और लेबर प्लान तैयार कर डबल शिफ्ट में कार्य सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समयसीमा में निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी उन्हीं की होगी।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर जोर देते हुए डीएम ने कहा कि सभी कार्य उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुसार हों। साथ ही पर्यावरण अनुकूल तकनीकों के उपयोग और श्रमिकों की सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।
श्रमिकों की स्थिति की समीक्षा में कार्यदायी संस्था सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित 175 श्रमिकों के सापेक्ष वर्तमान में केवल 125 श्रमिक कार्यरत हैं। अधिकारियों के अनुसार अब तक परियोजना का लगभग 36 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि पिछले एक माह में मात्र 10 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है।
इस पर जिलाधिकारी ने श्रमिकों की संख्या तत्काल बढ़ाने, डबल शिफ्ट में कार्य कराने और निर्माण कार्य की गति तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी स्थिति में जून 2026 की डेडलाइन आगे नहीं बढ़ाई जाएगी और सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।