देहरादून ,
नववर्ष एवं क्रिसमस आयोजनों को सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी की अध्यक्षता अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था ने की। इसमें प्रदेश के सभी जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक, मुख्य अग्निशमन अधिकारी एवं अग्निशमन अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।
गोष्ठी के प्रारम्भ में उपनिदेशक (तकनीकी), फायर सर्विस श्री एस.के. राणा ने गोवा में घटित हालिया अग्निकांड का उल्लेख करते हुए प्रदेशभर में फायर सर्विस द्वारा संचालित अग्नि सुरक्षा ऑडिट अभियान की जानकारी दी।
पुलिस महानिरीक्षक, अग्निशमन एवं आपात सेवा श्रीमती नीरू गर्ग ने क्रिसमस एवं नववर्ष के दौरान होने वाले सभी आयोजनों में सुदृढ़ अग्नि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंकेट हॉल, मॉल, होटल, पब एवं अन्य आयोजन स्थलों का समय रहते निरीक्षण किया जाए। अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र, उसके नवीनीकरण एवं फायर उपकरणों की कार्यशीलता सुनिश्चित की जाए। भवन स्वामी, प्रबंधक एवं स्टाफ को अग्निशमन उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण देने, निकास मार्गों एवं अग्निशमन वाहनों के पहुँच मार्ग को अवरोधमुक्त रखने तथा निर्धारित विद्युत भार से अधिक उपकरणों के प्रयोग पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही के कारण किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर भवन स्वामी/संचालक के साथ-साथ संबंधित अग्निशमन अधिकारियों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था श्री सुनील कुमार मीणा ने सभी जनपद प्रभारियों को निर्देश दिए कि संभावित घटनाओं को ध्यान में रखते हुए पूरी सतर्कता के साथ कार्य किया जाए। किसी भी दुर्घटना के पश्चात उत्पन्न होने वाली कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने, साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों पर सख़्त कार्रवाई, मंदिरों की अग्नि सुरक्षा ऑडिट, यातायात प्रबंधन, नववर्ष आयोजनों के नाम पर होने वाली साइबर ठगी तथा हुड़दंग करने वालों पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए गए।
गोष्ठी के समापन पर अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरूगेशन ने कहा कि नववर्ष आयोजनों के दौरान अग्नि सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। फायर ऑडिट केवल औपचारिकता न रहकर वास्तविक अग्नि निवारण प्रयासों पर केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने अग्नि सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने, सोशल मीडिया के माध्यम से जन-जागरूकता बढ़ाने, साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने हेतु समन्वय बैठकों के आयोजन तथा आयोजनों के उपरांत माहौल बिगाड़ने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि क्रिसमस एवं नववर्ष का आयोजन पूर्णतः सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं मंगलमय ढंग से संपन्न हो।
गोष्ठी में डॉ. वी. मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड, श्रीमती नीरू गर्ग, पुलिस महानिरीक्षक, अग्निशमन एवं आपात सेवा, श्री सुनील कुमार मीणा, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, श्रीमती तृप्ति भट्ट, पुलिस अधीक्षक, फायर सर्विस, डॉ. विशाखा अशोक भदाणे, पुलिस अधीक्षक, अपराध, श्री एस.के. राणा, उपनिदेशक (तकनीकी), अग्निशमन एवं आपात सेवा तथा श्री अभिनव त्यागी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, देहरादून उपस्थित रहे।
मीडिया सेल
पुलिस मुख्यालय
उत्तराखण्ड, देहरादून