देहरादून ,
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के देहरादून स्थित डालनवाला पुलिस स्टेशन के औचक निरीक्षण से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आई, जिस पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने पर थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून-व्यवस्था और जनसेवा जैसे संवेदनशील दायित्वों में किसी भी स्तर की लापरवाही अक्षम्य है और ऐसे मामलों में तुरंत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस थाने की संपूर्ण कार्यप्रणाली का गहन अवलोकन किया। उन्होंने थाने में आए शिकायतकर्ताओं से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को केवल औपचारिकता न समझें, बल्कि जिम्मेदारी के साथ दर्ज कर उनका त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री महिला हेल्प डेस्क पर भी पहुंचे और महिला फरियादियों से बातचीत की। उन्होंने महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, गोपनीयता और त्वरित कार्रवाई को अनिवार्य बताते हुए किसी भी प्रकार की ढिलाई पर सख़्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
निरीक्षण के दौरान एफआईआर रजिस्टर, ड्यूटी रजिस्टर और उपस्थिति रजिस्टर की भी गहन जांच की गई। मुख्यमंत्री ने लंबित मामलों, उन पर की गई कार्रवाई और फॉलोअप की स्थिति की जानकारी ली तथा जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
थाने के भीतर स्थित हवालात में गंदगी और अव्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने गहरी नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने तत्काल साफ-सफाई कराने और मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस थाने की स्थिति ही शासन-प्रशासन की कार्यसंस्कृति को दर्शाती है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने वाहन जांच अभियान, वेरिफिकेशन ड्राइव और अपराध नियंत्रण की समीक्षा की। क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था पर असंतोष जताते हुए उन्होंने विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करने के आदेश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून तत्काल थाने पहुंचे और मौके पर स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख़्त शब्दों में कहा,
“कानून व्यवस्था से जुड़ा प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी जनता के प्रति जवाबदेह है। जनसेवा में लापरवाही, अनुशासनहीनता या संवेदनहीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनहित में सख़्त से सख़्त कार्रवाई करने से सरकार पीछे नहीं हटेगी।