मुख्यमंत्री धामी ने पुष्कर आश्रम हेतु 50 लाख रुपए की अतिरिक्त सहायता की घोषणा

पूर्व में उत्तराखंड सरकार दे चुकी है 1 करोड़ रुपये की सहयोग राशि; तीर्थराज पुष्कर स्थित अखिल भारतीय उत्तराखंड धर्मशाला आश्रम के द्वितीय तल का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण

अजमेर/पुष्कर (राजस्थान) ,

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राजस्थान के अजमेर जिले स्थित अखिल भारतीय उत्तराखंड धर्मशाला आश्रम, तीर्थराज पुष्कर के द्वितीय तल का लोकार्पण किया। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी, स्थानीय नागरिक और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने आश्रम के और अधिक विस्तार एवं विकास के लिए 50 लाख रुपए की अतिरिक्त सहयोग राशि प्रदान करने की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि पूर्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा आश्रम निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है।


पुष्कर की आध्यात्मिक महिमा का किया उल्लेख

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वे तीर्थराज पुष्कर की पवित्र भूमि पर विराजमान सृष्टि के आदि रचयिता, वेदों के प्रणेता भगवान ब्रह्मा जी को साष्टांग नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि पुष्कर केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की अनश्वर ज्योति है जो मानवता को धर्म, तप, त्याग और सद्गुणों के पथ पर चलने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों में पुष्कर, कुरुक्षेत्र, हरिद्वार, गया और प्रयाग को पंचतीर्थ के रूप में वर्णित किया गया है और इनमें भी पुष्कर को समस्त तीर्थों का गुरु माना गया है।
मुख्यमंत्री ने भावुक होकर कहा—

“चारधाम यात्रा का पुण्य तभी पूर्ण माना जाता है जब तीर्थराज पुष्कर के पावन सरोवर में स्नान किया जाए। इसी आध्यात्मिक आभा से प्रेरित होकर मेरे माता-पिता ने मेरा नाम ‘पुष्कर’ रखा।”


धर्मशाला तीर्थयात्रियों के लिए बनेगी महत्वपूर्ण सुविधा केंद्र

मुख्यमंत्री धामी ने आयोजन समिति और प्रवासी उत्तराखंडियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि—

“मैं राजस्थान में नहीं, बल्कि देवभूमि के अपने परिजनों के बीच होने का अनुभव कर रहा हूँ।”

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह धर्मशाला श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण आश्रय स्थान बनेगी और उत्तराखंड तथा राजस्थान के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को और अधिक मजबूत करेगी।


संस्कृति और आस्था की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड संपूर्ण भारत की आस्था और संस्कृति का केंद्र है, और उसके मूल स्वरूप की सुरक्षा हेतु राज्य सरकार कई महत्वपूर्ण एवं कठोर निर्णय ले रही है।

उन्होंने प्रवासियों से आह्वान किया कि—

“जहाँ भी रहें, अपनी संस्कृति, परंपरा और उत्तराखंडी पहचान को गर्व के साथ आगे बढ़ाएं।”

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