देहरादून ,
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण तभी माना जाएगा, जब शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश:
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विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं की शिकायतों के लिए हेल्प डेस्क बनाई जाए।
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अभ्यर्थियों को समय पर डिग्री उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
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सेवा के अधिकार के तहत मिलने वाली सेवाओं की जानकारी कार्यालयों के डिस्प्ले बोर्ड पर दर्ज की जाए।
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बिजली, पानी, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाए।
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अधिकारी अपने नोटिस बोर्ड पर निर्धारित दिवस का उल्लेख करें, जिस दिन वे जनता की समस्याओं का समाधान करेंगे।
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3 माह से अधिक लंबित प्रकरणों का अभियान चलाकर निस्तारण किया जाए।
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आपदा प्रभावित क्षेत्रों की शिकायतों को प्राथमिकता दी जाए और क्षतिग्रस्त लाइनों व सुरक्षा दीवारों के कार्य शीघ्र पूरे किए जाएं।
सीएम धामी ने जिलाधिकारियों को हर सप्ताह, सचिवों को महीने में दो बार और मुख्य सचिव को महीने में एक बार हेल्पलाइन की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का समय पर निस्तारण न करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी और कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मौजूद अधिकारी:
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, निदेशक आईटीडीए गौरव कुमार, अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर सहित विभिन्न विभागों के सचिव व विभागाध्यक्ष मौजूद रहे। सभी जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
