चमोली,
उत्तराखंड के चार धामों में से एक, भगवान बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि घोषित कर दी गई है। परंपरागत विधि-विधान और पंचांग गणना के आधार पर इस वर्ष 25 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
कपाट बंद करने की तिथि का निर्धारण मुख्य पुजारी रावल धर्माधिकारी और बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की मौजूदगी में किया गया। समिति ने बताया कि हमेशा की तरह इस बार भी पंचांग गणना के अनुसार ही तारीख और समय तय हुआ है।
फिलहाल चारधाम यात्रा अपने अंतिम पड़ाव पर है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंचकर भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर रहे हैं। धाम और मार्गों पर भक्तों का उत्साह चरम पर है।
बद्री-केदार मंदिर समिति ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि कपाट बंद होने से पहले अधिक से अधिक लोग दर्शन कर सकें।
परंपरा के अनुसार कपाट बंद होने के बाद भगवान बद्री विशाल की शीतकालीन पूजा जोशीमठ के पांडुकेश्वर में छह माह तक संपन्न होगी, जहां श्रद्धालु पूजन-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे।