देहरादून दशहरा 121 फीट के रावण से लेकर बारिश में भीगते उत्सव तक
देहरादून,
इस बार परेड ग्राउंड में दशहरा आयोजन बेहद खास रहा। आयोजकों ने 121 फीट ऊंचे रावण के पुतले की तैयारी की थी, जिसे आगरा की एक टीम ने करीब एक महीने में तैयार किया। कपड़े और टेरीकोट से बने इस विशाल पुतले को बारिश-रोधी बनाने का दावा किया गया था। इसके साथ ही 70 फीट का कुंभकर्ण और 60 फीट का मेघनाथ भी तैयार किए गए।
पुतला तैयार करने वाले अयान का कहना था कि उनके परिवार की कई पीढ़ियां इस पुश्तैनी काम में लगी रही हैं और देशभर में ऐसे आयोजन करते आए हैं। उनके साथ 20 लोगों की टीम ने दिन-रात मेहनत कर पुतले और ‘लंका’ तैयार की। रावण दहन रिमोट से किया जाना था, जिसके लिए आतिशबाजी का अलग स्थान चिन्हित किया गया था। सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बतौर मुख्य अतिथि समारोह में शामिल हुए।
लेकिन शाम करीब 5 बजे शुरू हुई तेज बारिश ने दशहरे की भव्यता को प्रभावित कर दिया। भीगते पुतलों में रावण पूरी तरह नहीं जल पाया। भारी बारिश से स्टॉल लगाने वाले व्यापारी खासे निराश दिखे। सोचा था आज अच्छी कमाई होगी लेकिन बारिश ने सब बिगाड़ दिया।”
फिर भी बारिश के बावजूद हजारों लोग मैदान में जुटे रहे और भीगे पुतलों का दहन देखने पहुंचे। मुख्यमंत्री धामी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “आशीर्वाद देने भगवान इंद्र भी आज हमारे साथ हैं।”
स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार दशहरे पर ऐसी बारिश कई दशकों बाद हुई है। दशहरे पर इतनी भारी बारिश पहले कभी नहीं देखी।”
बारिश ने आयोजन की भव्यता पर जरूर असर डाला, लेकिन परेड ग्राउंड में उमड़ा उत्साह और श्रद्धा यह साबित करता रहा कि आस्था बारिश से नहीं बुझ सकती।