नकली दवाइयों के गिरोह का भंडाफोड़ — मास्टरमाइंड नवीन बंसल सहित 10 गिरफ्तार – uttarakhandawaaz.in

नकली दवाइयों के गिरोह का भंडाफोड़ — मास्टरमाइंड नवीन बंसल सहित 10 गिरफ्तार

देहरादून ,

एसटीएफ ने ब्रांडेड जीवनरक्षक दवाओं की हूबहू नकल कर बाजार में बेचने वाले गिरोह के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई में मास्टरमाइंड नवीन बंसल (उर्फ अक्षय) सहित कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस अवैध कारोबार से आम जनस्वास्थ्य पर गंभीर असर और सरकार के राजस्व को भी भारी क्षति होने का आरोप है।

मुख्य बातें

  • प्रारम्भिक गिरफ्तारी: 01.06.2025 को संतोष कुमार को大量 नकली रैपर, नकली आउटर-बॉक्स, लेबल व QR कोड के साथ गिरफ्तार किया गया; मामला थाना सेलाकुई में पंजीकृत हुआ।

  • विवेचना: प्रकरण की गंभीरता के कारण जांच उच्च अधिकारियों द्वारा एसटीएफ को सौंपी गई।

  • गिरोह की कार्यप्रणाली: आरोप है कि बिना ड्रग लाइसेंस वाली फर्म Beechem Biotech (फर्जी) को कंपनियों से बड़ी मात्रा में दवाइयाँ खरीदी गईं; लगभग 18 लाख टैबलेट बिना स्ट्रिप पैकिंग के भिवाड़ी से प्राप्त कर उन्हें ब्रांडेड कंपनी के स्ट्रिप्स में पैक कर बाज़ार में बेचा गया।

  • चालान/बिलिंग में हेराफेरी: दवाइयों के बिल पर MRP 0.00 अंकित कर यह दिखाने का प्रयत्न किया गया कि दवाएँ सरकारी अस्पतालों को सप्लाई की जा रही हैं — जबकि अभियुक्त के पास किसी सरकारी अनुबंध/अनुमति का कोई सबूत नहीं था।

  • गिरफ्तारी: पहले से गिरफ्तार 06 आरोपियों के साथ हाल की कार्रवाइयों में चार कंपनी हेड भी पकड़े गए — कुल मिलाकर 10 गिरफ्तारियां।

  • कार्रवाई जारी: एसटीएफ और जिला प्रशासन द्वारा मामले की गहनता से जांच एवं आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम (रिपोर्ट अनुसार)

  1. संतोष कुमार (प्रारम्भिक गिरफ्तारी)

  2. नवीन बंसल (उर्फ अक्षय)

  3. आदित्य काला

  4. देवी दयाल गुप्ता

  5. पंकज शर्मा

  6. विजय कुमार पाण्डेय

  7. प्रदीप गौड — (Zentic Pharmaceuticals Pvt Ltd)

  8. शैलेन्द्र सिंह — (BLBK Pharmaceutical Pvt Ltd)

  9. शिशिर सिंह — (Oxi Pharma Pvt Ltd)

  10. श्रीमती तेजेन्द्र कौर — (Keron Life Science Pvt Ltd)

(सूचना: कुछ नाम/कंपनी सम्बन्धी विवरण एसटीएफ द्वारा साझा किए गए तथ्यों पर आधारित हैं; जांच अभी चल रही है।)

एसएसपी—एसटीएफ का परिप्रेक्ष्य: एसएसपी/एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि यह मामला स्वास्थ्य के लिए अत्यंत संवेदनशील है इसलिए गिरोह की सम्पूर्ण कड़ी और सप्लाई-चेन की तह तक जाँच की जा रही है। आवश्यकतानुसार और गिरफ्तारी/नियमित कार्यवाही की जाएगी।

निष्कर्ष: नकली दवाइयों के इस जाल से लोगों के स्वास्थ्य एवं सरकारी व्यवस्था पर गंभीर खतरा था—एसटीएफ की कार्रवाई में अब तक बड़ी सफलता मिली है, पर जांच जारी है और आगे की रिपोर्ट आने पर सार्वजनिक किया जाएगा।

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