हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारी तेज़ — यूआईआईडीबी की बैठक में शहर के समग्र विकास के लिए सौंदर्यीकरण, भीड़ प्रबंधन और तीर्थ यात्री सुविधा परियोजनाओं की समीक्षा – uttarakhandawaaz.in

हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारी तेज़ — यूआईआईडीबी की बैठक में शहर के समग्र विकास के लिए सौंदर्यीकरण, भीड़ प्रबंधन और तीर्थ यात्री सुविधा परियोजनाओं की समीक्षा

मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने दिए निर्देश — हर की पैड़ी में एंट्री-एग्जिट व्यवस्था सुदृढ़ हो, तीर्थ स्थलों के लिए वन-वे पैदल मार्ग विकसित किए जाएं

देहरादून, 
उत्तराखंड में हरिद्वार कुंभ 2027 को ध्यान में रखते हुए शहर के समग्र और तीर्थ यात्री केंद्रित विकास को लेकर प्रयास तेज़ हो गए हैं। इस क्रम में मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में उत्तराखंड औद्योगिक निवेश एवं विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की कार्यकारी समिति (Ex-C) की समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसमें हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना के तहत कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों का प्रस्तुतीकरण और मूल्यांकन किया गया।


🔍 बैठक के प्रमुख विषय:

  • हरिद्वार का सुगम मोबिलिटी प्लान

  • तीर्थ यात्रियों के लिए फ्रेंडली एक्सेस, सुरक्षा और पब्लिक सुविधाएं

  • भीड़ प्रबंधन, सीसीटीवी, पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम

  • कल्चरल हब और पार्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर

  • सतीकुंड और मंदिर क्षेत्रों का विकास

  • 10 प्रमुख जंक्शनों का ज्यामितीय सुधार (Geometric Improvement)

  • मल्टी-मॉडल टूरिज्म और पर्यावरण संतुलन पर बल


🚶‍♂️ हरिद्वार धार्मिक स्थलों के लिए पैदल सर्किट प्लान:

मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि

  • हर की पैड़ी, मनसा देवी, चंडी देवी, माया देवी, दक्ष मंदिर, भारत माता मंदिर,
    जैसे प्रमुख स्थलों को जोड़ते हुए पेडेस्ट्रियन वे सर्किट प्लान तैयार किया जाए।

  • यह मार्ग एकतरफा (वन-वे) हो और पूरी तरह बाधारहित रहे, जिससे तीर्थ यात्रियों को निर्बाध दर्शन का अनुभव मिल सके।

  • सुरक्षा उपायों को साथ में समाहित किया जाए।

  • 15 दिन में प्लान का प्रारूप तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।


🙏 हर की पैड़ी पर विशेष ध्यान:

हरिद्वार में सबसे अधिक भीड़भाड़ वाले स्थान ‘हर की पैड़ी’ के आरती पॉइंट पर

  • प्रवेश और निकासी की सुव्यवस्थित योजना बनाने के निर्देश दिए गए।

  • मेला अधिकारी, पुलिस, नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को समन्वय कर कार्य करने को कहा गया।


🛣️ राजाजी पार्क से सटे क्षेत्रों का विकास:

  • जो योजनाएं राजाजी नेशनल पार्क के सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रस्तावित हैं,
    वहां राजाजी प्रशासन को कार्यदायी एजेंसी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए।

  • इससे पर्यावरणीय संतुलन और प्रशासनिक प्रक्रिया तेज होगी।


♻️ उच्च प्राथमिकता में होंगे ये कार्य:

मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निम्न कार्यों को शीघ्रता और प्राथमिकता के आधार पर संपन्न किया जाए:

  • सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट

  • सैनिटेशन

  • पार्किंग प्रबंधन

  • भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा उपाय


🗣️ स्थानीय निकायों को लें विश्वास में:

मुख्य सचिव ने कहा कि:

“जहां भी आवश्यक हो, स्थानीय निकाय, ट्रस्ट, गंगा सभा और जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर योजनाओं को अंतिम रूप दें।”

उन्होंने समस्त अधिकारियों को हरिद्वार शहर का संयुक्त निरीक्षण करने और फील्ड इनपुट के आधार पर प्रस्तावों में संशोधन या नया प्रावधान जोड़ने का भी निर्देश दिया।


📌 निष्कर्ष:

हरिद्वार को कुंभ 2027 से पूर्व आधुनिक सुविधाओं और परंपरा का संगम बनाकर प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है। यह योजना श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सांस्कृतिक अनुभव को केंद्र में रखकर बनाई जा रही है, जिससे उत्तराखंड की धार्मिक पर्यटन छवि को नई ऊंचाई मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *