मेला अवधि: 11 जुलाई से 23 जुलाई 2025
देहरादून,
आगामी कांवड़ मेला 2025 की तैयारियों को लेकर उत्तराखंड शासन ने कमर कस ली है। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में हरिद्वार को केंद्र बिंदु मानते हुए पूरे आयोजन की व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में शासन, प्रशासन, पुलिस और नगर निकायों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
🔹 मुख्य सचिव के निर्देश:
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नशे में लिप्त, उत्पात मचाने वाले व हिंसा फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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बड़े डीजे साउंड पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
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नगर निकायों को साफ-सफाई, शौचालय, पार्किंग,
जल संस्थान को पेयजल आपूर्ति,
खाद्य सुरक्षा विभाग को खानपान निगरानी,
पूर्ति विभाग को ओवररेटिंग पर नियंत्रण के स्पष्ट निर्देश। -
लापरवाही पर संबंधित विभागों व एजेंसियों पर होगी सख्त कार्रवाई।
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सिंचाई विभाग को स्नान घाटों व पुलों की सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश।
🕉️ कांवड़ मेला 2025 की प्रमुख तिथियाँ:
| क्रमांक | विवरण | तिथि |
|---|---|---|
| 1️⃣ | मेला आरंभ | 11 जुलाई |
| 2️⃣ | पंचक अवधि | 13 – 17 जुलाई |
| 3️⃣ | डाक कांवड़ | 20 – 23 जुलाई |
| 4️⃣ | जलाभिषेक (श्रावण शिवरात्रि) | 23 जुलाई |
🚓 यातायात व सुरक्षा प्रबंधन:
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हरिद्वार पुलिस द्वारा मेला क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 37 जोन और 134 सेक्टर में बांटा गया।
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स्थाई और अस्थाई पार्किंग, वाहन रूट डायवर्जन प्लान, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा बलों की तैनाती का प्रेजेंटेशन प्रस्तुत।
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देहरादून, पौड़ी और टिहरी जिलों ने भी संबंधित तैयारी व बजटीय आवश्यकताओं की जानकारी दी।
💬 अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित:
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अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरुगेशन
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गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडेय
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आईजी के.एस. नगन्याल
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जिलाधिकारी और एसएसपी — हरिद्वार, देहरादून, पौड़ी, टिहरी
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संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी
📌 निष्कर्ष:
मुख्य सचिव आनंद बर्धन के नेतृत्व में आयोजित यह बैठक कांवड़ मेले को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-केंद्रित बनाने की दिशा में एक ठोस पहल रही। शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि होगी।
