“खेलभूमि बने उत्तराखंड” का लिया संकल्प | 103 पदकों का किया उल्लेख
देहरादून,
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खिलाड़ियों के उत्साह को नई उड़ान दी। इस मौके पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को सम्मानित किया गया, और सभी खिलाड़ियों ने खेल भावना की शपथ भी ली।
🏅 मुख्यमंत्री का संबोधन:
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“ओलंपिक केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, साधना और समर्पण का प्रतीक है।”
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भारत आज केवल भागीदार नहीं, बल्कि विजेता राष्ट्र के रूप में उभर रहा है।
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एशियाई खेल 2023 में भारत के 107 पदक, टोक्यो ओलंपिक 2020 में 126 खिलाड़ियों की क्वालिफिकेशन देश के खेल-तंत्र की मजबूती को दर्शाता है।
🏆 उत्तराखंड की उपलब्धियाँ:
| आयोजन | पदक संख्या |
|---|---|
| 38वें राष्ट्रीय खेल | 🥇103 पदक |
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है, हम राज्य को ‘खेलभूमि’ के रूप में विकसित करने को संकल्पबद्ध हैं।”
🏫 खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर और नीतियाँ:
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23 खेल अकादमियाँ — राज्य के 8 प्रमुख शहरों में
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खेल विश्वविद्यालय — हल्द्वानी में
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महिला स्पोर्ट्स कॉलेज — लोहाघाट में प्रस्तावित
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4% खेल कोटा — राजकीय सेवाओं में
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आउट ऑफ टर्न नौकरी, खेल भत्ता, खेल रत्न पुरस्कार
💸 खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता:
| योजना | लाभार्थी खिलाड़ी | विवरण |
|---|---|---|
| मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना | 3,900 | डीबीटी के माध्यम से सहायता |
| मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना | 2,155 | प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) |
👥 उपस्थित प्रमुख अधिकारी:
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खेल मंत्री — श्रीमती रेखा आर्या
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विशेष प्रमुख सचिव खेल — श्री अमित सिन्हा
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अपर निदेशक खेल — श्री अजय अग्रवाल
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खेल विभाग के अन्य अधिकारी
📌 निष्कर्ष:
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के इस आयोजन ने उत्तराखंड में खेल संस्कृति को सशक्त आधार दिया है। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट संदेश दिया कि प्रदेश अब “खेलभूमि” की दिशा में ठोस कदमों के साथ आगे बढ़ रहा है, और खिलाड़ियों को सम्मान, संसाधन व अवसर तीनों का समुचित संबल दिया जा रहा है।
