हरिद्वार,
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में स्थानांतरण नीति को प्रभावी रूप से लागू करते हुए जनपद हरिद्वार में 26 विभागों के 268 कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है। यह कार्रवाई एक ही पद/पटल पर लंबे समय से तैनात कर्मचारियों को लेकर की गई है, ताकि शासन में पारदर्शिता, कार्यकुशलता और अनुशासन सुनिश्चित किया जा सके।
जिला प्रशासन द्वारा साझा किए गए विवरण के अनुसार, इन स्थानांतरणों के अतिरिक्त 32 कार्मिकों के तबादले के लिए प्रस्ताव संबंधित आयुक्त/निदेशालय स्तर को भेजे गए हैं।
📌 कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन ने निर्देशित किया:
जिन विभागों द्वारा अब तक स्थानांतरण संबंधी आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई है, उन्हें एक सप्ताह के भीतर कार्यवाही पूर्ण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह स्पष्ट संकेत है कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप सिस्टम को निष्पक्ष और जवाबदेह बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
🗣️ प्रशासन का संदेश:
यह कदम न केवल स्थानीय प्रशासन में कार्यसंस्कृति को बेहतर बनाने की दिशा में है, बल्कि इससे एक ही पद पर जमे प्रभावशाली समूहों पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी। प्रशासन का कहना है कि स्थानांतरण नीति का सख्ती से अनुपालन आगे भी जारी रहेगा।
निष्कर्ष:
हरिद्वार में इस व्यापक स्थानांतरण अभियान ने स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड सरकार अब लंबे समय से एक पद पर जमे कर्मचारियों की जगह बदलकर प्रशासनिक संतुलन और पारदर्शिता को प्राथमिकता दे रही है।
