हरिद्वार ,
धर्मनगरी हरिद्वार में बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। आधी रात से ही श्रद्धालुओं ने हर की पैड़ी पहुंचकर गंगा स्नान शुरू कर दिया। पूरे क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और गंगा स्नान व पूजन-अर्चन का क्रम लगातार जारी रहा।
विशेष धार्मिक महत्व
बुद्ध पूर्णिमा, जिसे वैशाख पूर्णिमा भी कहा जाता है, धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है। मान्यता है कि:
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भगवान विष्णु ने इस दिन बुद्ध रूप में अवतार लिया।
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भगवान बुद्ध को आज ही के दिन ज्ञान की प्राप्ति हुई और उन्होंने समाज को नवदिशा दी।
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इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य से विशेष आध्यात्मिक लाभ होता है।
श्रद्धालुओं का मानना है कि इस दिन स्नान मात्र से पापों का नाश और कष्टों से मुक्ति मिलती है। गंगा मैया के दर्शन और पूजन से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
प्रशासन की विशेष तैयारी
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं। एसएसपी परमेंद्र डोभाल ने बताया कि मेला क्षेत्र को 7 जोन और 19 सेक्टर में बांटा गया है, और जगह-जगह पर अधिकारियों की तैनाती की गई है। पुलिस, जल पुलिस, यातायात पुलिस और स्वयंसेवी संस्थाएं भी मुस्तैद हैं ताकि कोई अव्यवस्था न हो।
दान-पुण्य और आस्था की गूंज
हरिद्वार पहुंचे श्रद्धालु सिर्फ स्नान ही नहीं, बल्कि दान, जप और पूजा कर पुण्य अर्जन में जुटे हैं। इस अवसर पर अन्नदान, वस्त्रदान, और धर्मग्रंथों का पाठ भी किया जा रहा है।
निष्कर्ष
बुद्ध पूर्णिमा पर हरिद्वार में गंगा स्नान करना सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि आस्था, श्रद्धा और आत्मिक शुद्धि का पर्व है। यह दिन आध्यात्मिक जागरण और मानव कल्याण की प्रेरणा देता है।
