देहरादून ,
उत्तराखंड किन्नर समुदाय की गददीनशीन मैडम रजनी रावत ने कहा है कि कुछ ट्रांसजेंडरों के माध्यम से किन्नर समाज को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है जिसे किसी भी दशा में सहन नहीं किया जायेगा और इसके लिए अपनी आवाज को बुलंद किया जायेगा। उन्होंने कहा कि किन्नर समुदाय का किसी भी दशा में अहित नहीं होने दिया जायेगा। आज परेड ग्राउंड स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि ट्रान्सजेंडर सचिन उर्फ निशा चैहान द्वारा उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय में दी गई सुरक्षा याचिका के अनुसार उसे मैडम रजनी रावत द्वारा परेशान किया जा रहा है तथा उसके साथ मारपीट की जा रही है। जो कि निराधार एवं असत्य है जिसमें कोई भी सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व में कई बार माफीनामा निशा चैहान सहित अन्य ट्रांसजेंडरों ने दिये है लेकिन उसके बाद भी फिर से वह किन्नर समुदाय को बदनाम करने की साजिश रच रहे है। उन्होंने कहा कि किन्नर समुदाय तथा ट्रान्सजेंडर दो अलग-अलग समुदाय हैं ट्रान्सजेंडर साधारण पुरुषों को सर्जरी द्वारा बनाया जाता है जबकि किन्नर प्राकृतिक रूप से पैदा होते हैं। उपरोक्त ट्रान्सजेंडर सचिन उर्फ निशा चैहान जो कि सर्जरी द्वारा ट्रान्सजेंडर बना, और ओसीन व अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर अवैध वसूली करने लगा। उन्होंने कहा कि जब इसका विरोध किया गया तो ट्रान्सजेंडर सचिन उर्फ निशा चैहान, ओसीन सरकार और उसके साथियों द्वारा कई बार माफीनामा दिया गया है जिस पर सभी को हिदायत देकर माफ कर दिया, लेकिन ट्रान्सजेंडर सचिन उर्फ निशा चैहान ने उत्तराखण्ड हाई कोर्ट में उनके खिलाफ उत्पीड़न की याचिका दायर कर दी, जबकि इसमें कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि ट्रान्सजेंडर सचिन उर्फ निशा चैहान द्वारा देहरादून क्षेत्र में उनका नाम लेकर जजमानों से बधाई और अन्य शुभ अवसरों पर अवैध वसूली की जा रही है. जिसे उन्होंने रोकने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि हर बार पकड़े जाने पर उसे यही हिदायत दी गई कि उनका नाम लेकर अवैध वसूली न करें। उन्होंने कहा कि ट्रान्सजेंडर सचिन उर्फ निशा चैहान, ओसीन सरकार आदि द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर हमारे किन्नरों के साथ कई बार मारपीट व गाली-गलौच की गई और खुद ही हाईकोर्ट में जाकर उनके खिलाफ याचिका दायर कर दी। इस अवसर पर किन्नर समुदाय के लोग शामिल रहे।
