जल संस्थान में आउटसोर्स से ठेकेदारी प्रथा को समाप्त कर सेवायोजन पोर्टल व अन्य आउटसोर्स एजेन्सी में समायोजन किये जाने की मांग
देहरादून,
उत्तराखण्ड जल संस्थान में आउटसोर्स से ठेकेदारी प्रथा को समाप्त कर सेवायोजन पोर्टल व अन्य आउटसोर्स एजेन्सी में समायोजन किये जाने सहित अनेक मांगों को लेकर उत्तराखण्ड जल संस्थान संविदा श्रमिक संघ से जुड़े हुए श्रमिकों ने राजधानी में रैली निकालकर सचिवालय कूच किया। यहां उत्तराखण्ड जल संस्थान संविदा श्रमिक संघ से जुड़े हुए श्रमिक पूर्व दर्जाधारी राज्य मंत्री एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू व संघ के अध्यक्ष संजय कुमार के नेतृत्व में परेड ग्राउंड में इकटठा हुए और वहां से नारेबाजी के बीच प्रदर्शन करते हुए रैली निकालते हुए अपनी मांगों को उत्तराखण्ड जल संस्थान में आउटसोर्स से ठेकेदारी प्रथा को समाप्त कर सेवायोजन पोर्टल व अन्य आउटसोर्स एजेन्सी में समायोजन किये जाने सहित अनेक मांगों को लेकर उत्तराखण्ड जल संस्थान संविदा श्रमिक संघ से जुड़े हुए श्रमिकों ने राजधानी में रैली निकालकर सचिवालय कूच किया, लेकिन पुलिस ने बैरीकैडिंग लगाकर सभी को सुभाष रोड रोक लिया और इस दौरान प्रदर्शनकारियों व पुलिस ने तीखी नोंकझोंक व धक्का मुक्की हुई और कई श्रमिक बैरीकैडिंग पर चढ़ गये और जोरदार नारेबाजी के बीच प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान सभी श्रमिक वहीं पर धरने पर बैठ गये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा गया कि उत्तराखण्ड जल संस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिक जो कि लगभग बीस से पच्चीस वर्षों से पेयजल जैसे महत्त्वपूर्ण व्यव्स्था को बनाये रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते आ रहे हैं और साथ ही कोरोना संक्रमण काल जैसी महामारी में भी पेयजल जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था बनाये रखने में अपना पूर्ण योगदान देते रहे है, लेकिन विभाग द्वारा श्रमिकों के बीच में ठेकेदारों को रखा गया है। इस दौरान ज्ञापन में कहा गया कि ठेकेदारों के द्वारा श्रमिकों को न तो पूर्ण रूप से वेतन दिया जाता है ना ही ईपीएफ व ईएसआई जैसी मूलभूत सुविधा का लाभ दिया जाता है। ज्ञापन में कहा गया कि कम वेतन देना जैसे रूपये ढाई हजार, रूपये पांच हजार तथा रूपये नौ हजार आदि एक समान वेतन न देना, अलग-अलग प्रकार से धनराशि का भुगतान करने जैसी समस्या श्रमिकों के समक्ष बार-बार आ रही है। इस अवसर पर अनेकों श्रमिक शामिल रहे।