राज्य के ज्वलंत मुददों को लेकर उक्रांद का डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन – uttarakhandawaaz.in

राज्य के ज्वलंत मुददों को लेकर उक्रांद का डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन

जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित
देहरादून ,

राज्य के ज्वलंत मुददों को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार नारेबाजी के बीच प्रदर्शन कर जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करते हुए इस दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार कर समस्याओं के समाधान की मांग की है। यहां दल के महानगर अध्यक्ष बिजेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में कार्यकर्ता दल के केन्द्रीय कार्यालय में इकटठा हुए और वहां से रैली निकालकर जिलाधिकारी कार्यालय पहंुचे और वहां पर ज्वलंत मुददों के समाधान को जोरदार नारेबाजी के बीच प्रदर्शन किया। इस अवसर पर जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तराखंड राज्य के बने 23 वर्ष पूर्ण हो चुके है, लेकिन राज्य की जनभावना के अनुरूप आज भी उन सवालों का समाधान अभी तक की सरकारें नहीं कर पायी जो राज्य की मांग थी जिसके लिए जन संघर्ष किया गया। ज्ञापन में कहा गया कि 42 शहादतों और जन स्पूर्ति आंदोलन को नजर अंदाज सरकारें करती आयी है। ज्ञापन में कहा गया कि उत्तराखंड क्रांति दल का स्पष्ट मानना है कि राज्य के विकास कि अवधारना सर्वप्रथम ज्वलंत मुद्दों का हल निकालना सरकार की जिम्मेदारी है, और जनभावनाओं के अनुरूप राज्य की स्थाई राजधानी गैरसैंण अविलम्ब घोषित किया जाये। देश के संविधान के अनुरूप राज्य में मूल निवास का आधार वर्ष 1950 निर्धारित करवाना , एक राज्य एक कानून के तहत मैदानी क्षेत्रों में भी मूलनिवास की व्यवस्था सुनिश्चित करवाना व स्थाई निवास प्रमाण पत्र जारी करने के मानकों की समीक्षा की जाये। ज्ञापन में कहा गया कि अनुच्छेद – 371 के अन्तर्गत विशेष व्यवस्था के तहत अथवा हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर सशक्त भू-कानून लागू करने की जरूरत है और अंकिता भंडारी की हत्या की संपूर्ण जांच सीबीआई से करवाना तथा उच्चतम न्यायालय में भी समुचित पैरवी किए जाने की मांग करते है। उत्तराखंड सचिवालय, विधानसभा सहित विभिन्न विभागों में पिछले दरवाजे से की गई भर्तियों की जांच सीबीआई से करवाई जाय। इस अवसर पर ज्ञापन में कहा गया कि यूके एसएसएससी तथा यूके पीएससी भर्ती घोटालों व पेपर लीक प्रकरणों की जांच सीबीआई से की जाये। लंबे समय से चली आ रही राज्य कर्मचारियों व केन्द्रीय कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना की बहाली के लिए सम्मानजनक समाधान अविलम्ब किया जाय।

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