देहरादून ,
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा है कि केदारनाथ धाम प्रतिष्ठा रक्षा यात्रा का आगामी केदारनाथ विधानसभा सीट पर होने वाले उप चुनाव से कोई भी लेना देना नहीं है। आज उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने केदारनाथ धाम प्रतिष्ठा रक्षा यात्रा में सम्मिलित होने के लिए गुप्तकाशी रवाना होने से पूर्व अपने कैंप कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह यात्रा पूरी तरह से केदारनाथ धाम समेत उत्तराखंड के पवित्र धामों की प्रतिष्ठा के साथ भाजपा सरकार व उनके समर्थकों द्वारा किए जा रहे खिलवाड़ से रक्षा करने के उद्देश्य से व उत्तराखंड देश व दुनिया के सनातनी लोगों को भाजपा का असली चेहरा दिखाने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से भाजपा समर्थक कुछ लोगों द्वारा दिल्ली में बनाए गए केदारनाथ धाम मंदिर ट्रस्ट द्वारा केदारनाथ धाम मंदिर का प्रतिरूप बनाया जा रहा है और उसके शिलान्यास में स्वयं राज्य के मुख्यमंत्री केदारनाथ से शिला ले कर मंदिर के शिलान्यास में न केवल पहुंचे बल्कि उन्होंने अपने संबोधन में यह तक कह दिया कि जो लोग उत्तराखंड में श्री केदारनाथ नहीं जा सकते वे दिल्ली में बनने वाले केदारनाथ धाम मंदिर में पहुंच कर वही पुण्य ले सकते हैं जो श्री केदार धाम पहुंच कर मिलता है। इस अवसर पर धस्माना ने कहा कि इसके अलावा इस ट्रस्ट द्वारा उत्तराखंड के चारों धामों का प्रतिरूप दिल्ली में बनवाने की घोषणा से उत्तराखंड के चारों धामों के तीर्थ पुरोहितों व श्रद्धालुओं की आस्था पर गहरी चोट लगी है और यह सीधे सीधे धर्म विरुद्ध भी है जैसा ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद गिरी ने भी कहा है। धस्माना ने कहा कि हमारे धर्म शास्त्रों में पांच बद्री पांच केदार का स्पष्ट उल्लेख है तो छठा केदार कैसे बन सकता है। धस्माना ने कहा कि इसके अलावा केदारनाथ धाम मंदिर में सोने की चोरी के मुद्दे ने देश और दुनिया में उत्तराखंड की प्रतिष्ठा पर चोट पहुंचाई है जिस पर आज तक राज्य की सरकार ने कोई जांच नहीं करवाई है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा केदारनाथ मंदिर के गर्भ गृह की मर्यादा का भी अनेक बार राज्य सरकार व मंदिर समिति के गैर जिम्मेदारना रवैया के कारण उल्लंघन हुआ है। उन्होंने कहा कि इन सब मुद्दों पर केंद्र की मोदी व राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार खामोश हैं इसलिए कांग्रेस ने केदारनाथ समेत उत्तराखंड के चारों धामों की प्रतिष्ठा की रक्षा करने के उद्देश्य से ग्यारह दिवसीय हरिद्वार से केदारनाथ की 239 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा तय की जो पिछले आठ दिनों से निरंतर अपने गंतव्य केदारनाथ की ओर बड़ रही है।
