देहरादून ,
नीट परीक्षा में हुए भ्रष्टाचार एवं कुप्रबंधन के खिलाफ एसएफआई कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी के बीच प्रदर्शन करते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) का पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज किया। इस अवसर पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को समाप्त किये जाने की मांग भी की गई। यहां एसएफआई के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में डीएवी महाविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर इकटठा हुए और वहां पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी के बीच प्रदर्शन करते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) का पुतला फूंका। इस अवसर पर एसएफआई देहरादून ने अखिल भारतीय प्रदर्शन दिवस पर एनटीए का पुतला फूंककर एनटीए को खत्म किये जाने एवं एनईईटी परीक्षा में हुए भ्रष्टाचार एवं कुप्रबंधन पर उचित जांच हो की मांग की गई। इस अवसर पर एसएफआई के राज्य सचिव हिमांशु चैहान ने कहा कि चार जून को नीट व यूजी परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद कई शिकायतें सामने आ रही हैं, जो छज्। के परीक्षा संचालन की पारदर्शिता पर सवाल उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह एनटीए लाए जाने के बाद से महत्वपूर्ण परीक्षाओं में निरंतर हो रहे गंभीर भ्रष्टाचार एवं कुप्रबंधन की श्रृंखला की एक और कड़ी के रूप में हुआ है। उन्होंने कहा कि परिणामस्वरूप, यह एक बार फिर साबित हो गया है कि एक केंद्रीकृत संस्था एनटीए नीट जैसी प्रवेश परीक्षा आयोजित करवाने में अक्षम और अयोग्य है। इस अवसर पर हिमांशु चैहान ने कहा की ऐसी शिकायतें भी मिली हैं कि एक ही केंद्र से एक ही क्रम में लगातार रोल नंबर वाले छात्रों को समान अंक मिले हैं, जो की प्रसंगवश 720 में से 720 अंक हैं। उन्होंने कहा कि रैंक में इस गंभीर विवर्धन के कारण उम्मीदवारों को अब निजी कॉलेजों में प्रवेश लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जो सीधे तौर पर एनटीए की नीतियाँ जैसे कि पाठ्यक्रम में उल्लेखनीय कमी के कारण है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार में जिस तरह से एनएमसी और एनटीए मिलकर मेडिकल शिक्षा का निजीकरण कर रहे हैं, वह देश के भविष्य के लिए खतरनाक है। उन्होंने कहा कि मेडिकल क्षेत्र में राज्य-आधारित संयुक्त प्रवेश परीक्षा प्रणाली को बदलने के लिए अंतहीन भ्रष्टाचार का तर्क था, अब यही अंतहीन भ्रष्टाचार का आरोप नीट व यूजी को लेकर भी सामने आ रहा है। इस अवसर पर अनेक कार्यकर्ता शामिल थे।