देहरादून ,
उत्तराखंड राजधानी बनने के बाद से अब तक विकास के नाम पर लाखों पेड़ों का दोहन हो चुका है हरिद्वार रोड रिंग रोड और सहारनपुर रोड मोहंड पर अनगिनत पेड़ कटे हैं इसके कारण तापमान में गिरावट आई है और पानी का स्तर भी बहुत नीचे चला गया है, दिन प्रतिदिन आबादी बढ़ाने के कारण पानी की किल्लत होती जा रही, जिस कारण समरसिबल डालने वालो की बाड सी आ गई है जिसकी वजह से वाटर लेवल बहुत डाउन होता जा रहा है सरकार का भी इस पर कोई नियंत्रण नहीं है, ऐसे में खंगला फॉरेस्ट के पेड़ों को काटे जाने की खबर बहुत ही पीड़ा दायक है
इसी खबर के मध्य नजर श्री महाकाल सेवा समिति के अध्यक्ष रोशन राणा ने बताया कि उनकी समिति पर्यावरण और पेड़ों की सुरक्षा के लिए के एक मुहिम चलाई जा रही है सदस्य प्रत्येक सप्ताह एक-एक पेड़ों को बचाने के लिए अपना कीमती समय निकालकर गर्मी सर्दी धूप बरसात की चिंता किए बगैर वह पेड़ों को ट्री गार्ड से मुक्त कर रहे हैं ताकि उनकी आयु लम्बी हो ना की वह समय से पहले कुपोषित होकर गिर जाए ऐसे में खंगला फॉरेस्ट को कांटे जाने की खबर से समिति के सभी सदस्यों को बहुत बड़ा आघात पहुंचा है समिति और उत्तराखंड वासी सरकार के इस फैसले के पूरजोर विरोध करते हैं, इस विषय पर श्री महाकाल सेवा समिति के सदस्यों ने टपकेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में एक मीटिंग कर एक रुद्राक्ष का पेड़ लगा कर संकल्प किया कि उनकी समिति खंगाला फॉरेस्ट को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं किसी भी कीमत पर इन पेड़ों को नहीं काटने देंगे इस दौरान समिति के बाल किशन शर्मा ,संजीव गुप्ता, हेमराज राज अरोड़ा ,नीतिन अगरवाल, आलोक जैन,राहुल माटा, गौरव जैन, आयुष जैन, कृतिका राणा, अनुष्का राणा मौजूद थे