देहरादून ,
राजधानी के ऐतिहासिक गांधी पार्क के मुख्य द्वार पर भैरव सेना संगठन ने वैदिक परंपरानुसार हवन-पूजन कर पंचम पंचगव्य शुद्धिकरण अभियान यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिसमें की 31 सदस्यीय दल को प्रदेश अध्यक्षा अनीता थापा के नेतृत्व में छह दिवस की यात्रा के लिए राज्य आंदोलनकारी सैन्य शिरोमणि मनोज ध्यानी, वरिष्ठ समाजसेवी राकेश पंडित तथा टिहरी राजवंश के ठाकुर भवानी प्रताप सिंह पंवार ने भगवा ध्वज देकर रवाना किया। इस अवसर पर भैरव सेना के केंद्रीय अध्यक्ष संदीप खत्री ने कहा कि संगठन द्वारा पिछले चार वर्षों में चार सफल पंचगव्य शुद्धिकरण यात्राओं का आयोजन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि संगठन का तर्क है कि जब वेटिकन सिटी में गैर-ईसाई प्रतिबंधित हैं, मक्का-मदीना में गैर-मुस्लिम प्रतिबंधित हैं, तो हिंदुओं के बड़े तीर्थ धाम क्षेत्रों में भी गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित होना चाहिए। देवभूमि उत्तराखंड इस समय धार्मिक अतिक्रमण एवं घुसपैठ से आहत है, जिसके लिए संगठन द्वारा पंचगव्य शुद्धिकरण अभियान यात्रा का आह्नान किया गया। उन्होंने कहा कि संगठन की निरंतर रूप से यही मांग है कि तीर्थ क्षेत्र में बिना पंचगव्य आचमन के कोई भी व्यक्ति प्रवेश न कर पाए, जो सनातनी मान-बिंदुओं और सनातन धर्म में आस्था रखेगा वह ष्पंचगव्यष् का आचमन बिना किसी विरोधाभास के स्वेच्छापूर्वक करेगा। परंतु जो सिर्फ देवभूमि में अराजकता, धार्मिक घुसपैठ, व्यापारिक घुसपैठ तथा पर्यटन के उद्देश्य से तीर्थ क्षेत्र को दूषित करने के उद्देश्य से आएगा वह कभी भी पंचगव्य का आचमन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि पंचगव्य के आचमन के शासनादेश से देवभूमि के सनातनी शास्त्र, संस्कृति और पौराणिक परंपराएं तो संरक्षित होंगी ही साथ ही पंचगव्य प्राप्त होने के लिए गोवंश संरक्षण के साथ क्षेत्रीय युवाओं को रोजगार के साधन भी उपलब्ध होंगे।
