मुख्यमंत्री धामी की राजनीतिक प्रतिष्ठा लगी दांव पर
देहरादून ,
उत्तराखण्ड में पांच लोकसभा चुनाव के लिए बीते रोज हुए मतदान में सत्ता की चाबी या तो भाजपा के पास आयेगी या फिर पांच साल सत्ता की चाबी कांग्रेस संभालेगी, इसको लेकर राज्यवासियों ने पार्टी प्रत्याशियों की जीत-हार को लेकर गुणा-भाग का खेल खेलना शुरू कर रखा है। इस चुनाव मंे मतदाताओं की खामोशी ने चुनाव लडने वाले हर दिग्गज व आम प्रत्याशियों का ब्लड प्रेशर बढता दिखाई दे रखा है। वहीं दूसरी ओर गढ़वाल लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी गणेश गोदियाल के लिए श्रीनगर के साथ संसदीय क्षेत्र की जनता उन्हें आशीर्वाद के रूप में अपना मत देने के लिए आगे आये या फिर इलाके की जनता ने उन्हें राजनीति के पहले पायदान पर भी स्वीकार नहीं किया और बहस चल रही है कि आखिरकार क्या इस बार का मतदाता कंफ्यूज था कि उसे कहां मतदान करना है या उसने पहले से ही तय कर रखा था कि चुनाव में उसे किस राजनीतिक दल को अपना मत देना है। इस संसदीय सीट पर भाजपा के प्रत्याशी अनिल बलूनी ने भी काफी पसीना बहाया और अब यह सीट किसके खाते में जायेगी यह चार जून को पता चल सकेगा। लोकसभा चुनाव में एक ओर सरकार के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की राजनीतिक प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है वहीं हरिद्वार लोकसभा चुनाव में कूदे कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बेटे वीरेन्द्र सिंह रावत की जीत व हार पर भी सबकी नजरें लगी हुई हैं और वहां पर भाजपा से पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत चुनावी मैदान में रहे और वहीं निर्दलीय उमेश कुमार भी मैदान में रहे और भले ही कांग्रेस व भाजपा केन्द्र में अपनी अपनी सरकार आने के दावे कर रही हो लेकिन इन दावो का सच चार जून को ईवीएम से ही निकलेगा और वह ही तय करेगी कि केन्द्र में पांच साल सत्ता की चाबी किस राजनीतिक दल के हाथों मंे रहेगी और यह सोचनीय विषय है। वहीं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तराखण्ड में हुई अपनी सभी रैलियों में एक ही हुंकार लगाई कि अंकिता भंडारी हत्याकांड, बेरोजगारी, महंगाई को ध्यान में रखते हुए सत्ता में लायें और उन्होंने रूडकी व रामनगर में जनसभा की और कांग्रेस के प्रत्याशियों गणेश गोदियाल, प्रदीप टम्टा, जोत सिंह गुनसोला, वीरेन्द्र सिंह रावत और प्रकाश जोशी के पक्ष में मतदान करने की अपील की और यहां बीते रोज लोकसभा की पांच सीटों पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हो गया लेकिन राज्यवासियांे ने यह मतदान किस राजनीतिक दल के पक्ष में किया है यह एक बड़ा रहस्य बना हुआ है।