संकल्प पत्र समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति के विकास का संकल्पः धामी
देहरादून ,
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि देश के सामने भाजपा का संकल्प पत्र प्रस्तुत हुआ है भारत 2047 तक विकसित भारत बनेगा और यह मोदी की गारंटी का संकल्प पत्र है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व के सारे संकल्प धरातल पर उतरे हैं संकल्प पत्र के माध्यम से हर धर्म, हर वर्ग, गरीब कल्याण, महिला उत्थान और समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति का विकास का संकल्प है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भारत को तीसरी आर्थिक शक्ति बनाने का संकल्प लिया गया है और यह मोदी की गारंटी का संकल्प पत्र है। आज हरिद्वार रोड स्थित एक होटल में बनाये गये मीडिया सेंटर में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मुफ्त बिजली की सुविधा प्रदान की जायेगी और बिजली अब कमाई का साधन बन जायेगा और ऐसा काम चल रहा है और किसान सम्मान निधि को पांच वर्षों तक चलती रहेगी और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना पांच वर्षों तक चलती रहेगी और यह भी मोदी की गारंटी है। उन्होंने कहा कि देश भर में एक समान नागरिक संहिता को लागू करने का संकल्प पत्र है और उत्तराखंड में पहले से ही यूसीसी लागू कर दिया गया है और राष्ट्रपति ने भी इस पर अपने हस्ताक्षर कर लिये है। उन्होंने कहा कि संकल्प पत्र में यूसीसी देश भर में लागू होगा और समाज, महिला सुरक्षा, हर वर्ग की सुरक्षा का प्रावधान धारा 44 के अंतर्गत किया गया था और बाबा साहेब डाक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती पर इसे लागू किया गया है और देश भर में पेपर लीक नियंत्रण को नकल विरोधी कानून को सख्ती से लागू किया जायेगा और उत्तराखंड में भी नकल विरोधी कानून को पहले ही लागू कर दिया गया है और जबकि कांग्रेस की प्रियंका दीदी को भी इसके बारे में जानकारी नहीं है और जिन्होंने उनके यहां आगमन पर भाषण लिखा होगा यह उल्लेख करना भूल गया होगा और उत्तराखंड में हजारों हजार लोगों को नौकरियां दी गई है और एक जिला एक उत्पाद का काम किया जायेगा। उन्होंने कहा कि एक देश एक चुनाव को संकल्प पत्र में प्राथमिकता दी गई है और बार बार चुनाव आचार संहिता लगने से तमाम कार्य बाधित हो जाते है और पीलीभीत में 1971 के विभाजन के दौरान हजारों की संख्या में बंगाली समाज के लोग यहां पर निवास कर रहे है और इसी प्रकार उत्तराखंड में सितारगंज, खटीमा, नानकमत्ता आदि क्षेत्रों में इस समाज के लोग निवास कर रहे है और संकल्प पत्र में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने और खासकर पहाडी पर्यटन के विकास के लिए संकल्प लिया गया है और कनेक्टिविटी को भी जोडने का काम किया जायेगा और सीमांत क्षेत्रों में संस्कृति व जीवन शैली को जोडने का भी संकल्प लिया गया है और काशी विश्वनाथ कोरिडोर के काम को तेजी के साथ आगे बढाया जायेगा और मैड इन इंडिया को व्यापक स्तर पर बढाया दिया जायेगा।