कांग्रेस सरकारों पर मात्र 500 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करने का आरोप झूठाः बलबीर

पीएम मोदी ने देवभूमि की महान जनता तथा प्रदेश के बहादुर पूर्व सैनिकों को किया गुमराह
देहरादून ,

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सैनिक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष सेनि कैप्टन बलबीर सिंह रावत ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वन रैंक वन पेंशन के लिए कांग्रेस पार्टी की सरकारों पर मात्र 500 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करने का झूठा आरोप लगाकर देवभूमि की महान जनता तथा प्रदेश के बहादुर पूर्व सैनिकों को गुमराह कर गए हैं। उन्होंने कहा कि वन रैंक वन पेंशन पर सच्चाई के साथ कांग्रेस सरकारों का ब्यौरा और नजरिया प्रस्तुत कर रहे हैं कांग्रेस सरकारदेश की आर्थिक स्थिति को दृष्टि गत रखते हुए पूर्व सैनिकों के बेहतर हित में अपने दोनों कार्यकाल में वन रैंक वन पेंशन के लिये 4500 करोड रुपए की धनराशि स्वीकृत कर जारी की है। उन्होंने कहा कि जाहिर है की ओ आर ओ पी की मांग लम्बे समय से चली आ रही थी और यह बात सही है कि कांग्रेस की सरकार के कार्यकाल में इस मांगने जोर पकड़ा तो प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह की सरकार ने देश के पूर्व सैनिकों के बेहतर हित में वन रैंक वन पेंशन पर सम्मान के साथ उदारता पूर्वकविचार करके चरणबद्ध तरीके से वन रैंक वन पेंशन के समाधान का निर्णय लिया था इसी क्रम में प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह सरकार ने अपने पहले कार्यकाल सन 2006 में वन रैंक वन पेंशन के लिए 2300 करोड रुपए की धनराशि स्वीकृत की है। उन्होंने कहा कि तत्पश्चात अपने दूसरे कार्यकाल सन 2009 में डॉक्टर मनमोहन सिंह ने 2200 करोड रुपए की धनराशि स्वीकृत की है यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि देश की आर्थिक स्थिति को देखकर निर्णय लेना पड़ा था और तत्पश्चात सन 2014 में आखिरी बजट सत्र में राहुल गांधी की पहल पर डाक्टर मनमोहन सिंह सरकार ने 500 करोड रुपए की धनराशि स्वीकृत की है और यह सोचकर अगर तीसरी बार भी हम सत्ता में आए तो पूर्व सैनिकों के हित में वन रैंक वन पेंशन का निर्णय आसानी से लिया जाएगा किंतु दुर्भाग्य बस कांग्रेस पार्टी सत्ता से बाहर हो गई और भाजपा सरकार ने सत्ता में आकर आनंन फानन में तत्कालीन स्वर्गीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विसंगतियों से भरा हुआ वन रैंक वन पेंशन लागू कर दिया। उन्होंने कहा कि अपने इस संदेश के माध्यम से डॉक्टर मनमोहन सिंह सरकार ने यह समझकर की वन रैंक वन पेंशन के निर्धारण में कोई कमी रह जाए इसलिए उन्होंने संसदीय समिति का गठन किया और विपक्ष के सासद भगत सिंह कोश्यारी को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया और समिति ने वन रैंक वन पेंशन का निर्धारण किया और अपनी रिपोर्ट को संसद में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट पर भारत की संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष ने सहमति जताई थी किंतु तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सरकार के माध्यम से विसंगतियों से भरा वन रैंक वन पेंशन लागू करके देश के पूर्व सैनिक और उनके परिवारों को आर्थिक हानि पहुंचाई है जिसका निर्णय अभी तक नहीं हुआ है।

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