ग्राम गल्जवाड़ी के ग्रामवासियों की आवासीय भूमि को राजस्व अभिलेखां में आबादी में दर्ज करने की मांग की
देहरादून ,
ग्राम गल्जवाड़ी में वर्षों से बसे हुये ग्रामवासियों की आवासीय भूमि को राजस्व अभिलेखांे में आबादी में दर्ज करने के लिये शासनदेश घोषित किये जाने की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने सचिवालय कूच किया और प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से सचिव को ज्ञापन प्रेषित किया गया। यहां ग्राम गल्जवाडी की ग्राम प्रधान लीला शर्मा के नेतृत्व में क्षेत्रवासी सुभाष रोड के पास इकटठा हुए और वहां से ग्राम गल्जवाड़ी में वर्षों से बसे हुये ग्रामवासियों की आवासीय भूमि को राजस्व अभिलेखो में आबादी में दर्ज करने के लिये शासनदेश घोषित किये जाने की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने राजधानी में रैली निकालकर सचिवालय कूच किया और पुलिस ने बैरीकैडिंग लगाकर सभी को रोक लिया और दौरान पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोंकझोंक धक्का मुक्की हुई और बाद में सभी वहीं धरने पर बैठ गये। इस अवसर पर ग्राम प्रधान लीला शर्मा ने बताया कि ग्राम गल्जवाडी में 60-70 वर्षों से बसे हुये ग्रामवासियों की जमीन आबादी भूमि घोषित किये जाने के सम्बन्ध में पिछले 16 वर्षों से संघर्षरत है। उन्होंने कहा कि ग्राम के लगभग 350 परिवार भूमि के मालिकाना हक की लड़ाई लड़ रहे है, जिसके सम्बन्ध में ग्रामवासियों ने कई बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं जिलाधिकारी सोनिका के समक्ष उपस्थित होकर अपनी समस्या से अवगत कराया किन्तु उस पर भी कोई कार्यवाही शासन द्वारा नहीं हुई। उन्होंने बताया कि ग्रामवासियों ने पिछले 16 वर्षों से बसे हुये आवास को आबादी भूमि घोषित कराने के सम्बन्ध में उच्च न्यायालय नैनीताल में वाद योजित किया गया और उच्च न्यायालय ने भी 14 मार्च 2019 को ग्राम पंचायत गल्जवाडी में बसे हुये ग्रामवासियों की इस समस्या का चार माह के अन्दर निस्तारण करने का आदेश सरकार को दिया था, शासन द्वारा अभी तक उच्च न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश का पालन न होने पर ग्रामवासियों ने इसका जवाब शासन से मांगा है। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को ग्रामवासियों की भूमि को आबादी घोषित करने के लिये उचित कार्यवाही करने के लिये कहा किन्तु काफी समय व्यतीत होने के बावजूद भी राज्य सरकार द्वारा ग्रामवासियों की भूमि को अभी तक आबादी भूमि घोषित नहीं की गयी है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा भी घोषणा में ग्राम गल्जवाडी में काबिज व्यक्तियों जिसमें ग्रामवासियों के आवास बने हैं को आबादी भूमि में घोषित करने की घोषणा करने की गयी किन्तु राज्य सरकार द्वारा किसी भी प्रकार का कोई शासनादेश अभी तक जारी नहीं हुआ है। इस अवसर पर अनेकों ग्रामवासी शामिल रहे।
