देहरादून ,
मानदेय में बढ़ोत्तरी किये जाने सहित बारह सूत्रीय मांगों के समाधान के लिए उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम नारेबाजी के बीच सचिवालय कूच किया। यहां संघ की अध्यक्ष सुशीला खत्री के नेतृत्व में आंगनवाडी कार्यकत्र्रियां अपनी 12 सूत्री मांगो को लेकर परेड ग्राउंड के पास इकटठा हुई और वहां से मानदेय में बढ़ोत्तरी किये जाने सहित बारह सूत्रीय मांगों के समाधान के लिए उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम नारेबाजी के बीच सचिवालय कूच किया, जहां पर पुलिस ने बैरीकैडिंग लगाकर सभी रोक लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक, धक्का मुक्की हुई और बाद में सभी वहीं पर धरने में बैठ गये। इस दौरान आंगनवाडी कार्यकत्र्रियों के समूह को संबोधित करते हुए संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुशीला खत्री ने कहा कि लगातार संघर्ष करते आ रहे हैं लेकिन उत्तराखंड और दिल्ली की सरकारों ने हमारे आंदोलनों और हमारे ज्ञापनों को अनदेखा किया है इसलिए मजबूरन आज सचिवालय कूच कर घेराव करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि क्योंकि आज तक विभागीय अधिकारी विभागीय मंत्री झूठे आश्वासन ही देते आ रहे हैं झूठे आश्वासनों के अलावा हमें केंद्र और राज्य सरकारों से कुछ हासिल नहीं हुआ है हमारी समस्या जस की तस है। उन्होंने कहा कि जब तक 12 सूत्री मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा और हमारा आंदोलन निरंतर चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा। अब हमको आश्वासन नहीं सीधे आदेश चाहिए जब तक हमारी मांगों पर समस्याओं के निराकरण का सरकार द्वारा आदेश जारी नहीं होता तब तक हमको संघर्ष करना है। सचिवालय के पास पहुंचने पर मुख्यमंत्री के ओएसडी द्वारा ज्ञापन लिया गया। उन्होंने कहा कि 20 फरवरी तक मुख्यमंत्री कार्यक्रमों में व्यस्त होने के कारण संघ के प्रतिनिधियों से मुलाकात नहीं कर पाएंगे और 20 फरवरी के बाद मुख्यमंत्री के सम्मुख अपनी तमाम समस्याओं को रखने का अवसर मिलेगा। इस अवसर पर अनेकों आंगनवाडी कार्यकत्रियां शामिल रही।