एक राज्य एक चुनाव के फार्मूले को उत्तराखंड में लागू करने एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 13 जनपदों में एक साथ कराये जाने की मांग
देहरादून ,
एक राज्य एक चुनाव के फार्मूले को उत्तराखंड राज्य में लागू करते हुए त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनाव 13 जनपदों में एक साथ कराये जाने की मांग को लेकर उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत संगठन ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। यहां संगठन के कार्यक्रम संयोजक जगत मर्तोलिया के नेतृत्व में संगठन से जुडे हुए पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय में इकटठा हुए जहां पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। इस अवसर पर ज्ञापन में कहा गया कि उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत का कार्यकाल दो वर्ष बढ़ाये जाने तथा एक राज्य एक चुनाव के फार्मूले को सफल बनाने के लिए अनुरोध किया गया था कि वर्ष 2019 में त्रिस्तरीय पंचायतें चुनी गई थी। पंचायत के गठन होने के बाद दो वर्ष तक कोविड 19 का प्रकोप रहा। ज्ञापन में कहा गया कि उत्तराखंड के 12 जनपदों में त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल दो वर्ष बढ़ाए जाने की मांग पर सहमति व्यक्त किया गया। ज्ञापन में कहा गयाकि कोविड 19 के कारण दो वर्षों तक पंचायतें अपनी बैठक तक नहीं कर पाई। इस कालखंड को पंचायत के कार्यकाल से नहीं जोड़ा जा सकता है। ज्ञापन में कहा गया कि इस कार्यकाल के बढने से भविष्य में हरिद्वार के चुनाव भी शेष उत्तराखंड के साथ किये जाने की संभावना भी प्रबल हो जाये और राज्य के सभी 13 जिलों के पंचायतों का चुनाव एक साथ कराये जाने का प्रयास पूर्व में भी किया गया था लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। दो वर्ष का कार्यकाल बढ़ाया जाना पंचायत एक्ट के अनुरूप है। ज्ञापन में कहा गया कि एक राज्य एक चुनाव पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार दो वर्ष का कार्यकाल बढ़कर एक राज्य एक चुनाव की परिकल्पना को सफल सिद्ध कर सकती है। ज्ञापन में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक राष्ट्र एवं एक चुनाव के फार्मूले को लागू करने के लिए अडिग है। राज्य वित्त तथा 15वें वित्त का भुगतान पूर्व की भुगतान प्रणाली के आधार पर करने, उत्तराखंड में सुस्पष्ट पंचायत एक्ट तैयार करने, त्रिस्तरी पंचायतों को 29 विषय स्थानांतरित करने, पंचायत विभाग का ढांचा पुनर्गठित करने की पुरजोर मांग उठाई। इस अवसर पर संगठन के अनेकों पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल रहे।
