जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री व नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन प्रेषित
देहरादून ,
अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ उत्तराखंड शाखा के तत्वावधान में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए नगर निगम प्रागंण से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला और जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। यहां अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ उत्तराखंड शाखा के तत्वावधान में राष्ट्रीय महामंत्री व प्रभारी उत्तराखंड विशाल बिरला के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए नगर निगम प्रागंण में इकटठा हुए और वहां से नारेबाजी के बीच जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला गया, जहां पर जमकर नारेबाजी के बीच प्रदर्शन कर जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री व नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन प्रेषित किया। इस अवसर पर ज्ञापन में उत्तराखण्ड के निकायों नगर निगम, नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की मांगों को न माने जाने पर आगामी एक जनवरी 2024 से अनिश्चितकालीन हड़ताल व आन्दोलन की चेतावनी दी गई है। ज्ञापन में कहा गया कि मुख्य मांगो को पूरा कराए जाने हेतु, वार्ताओं व पत्राचार के माध्यम से संघर्षरत हैं, परन्तु माह सितम्बर में सचिव शहरी विकास विभाग उत्तराखण्ड शासन से वार्ता का कोई हल नहीं निकला साथ ही संघ द्वारा राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग भारत सरकार की उपाध्यक्ष के माध्यम से भी मुख्यमंत्री से पत्राचार किया गया, वहीं अनेकों बार मुख्यमंत्री से वार्ता करने के प्रयास किये गए, परन्तु विधिवत प्रक्रिया के द्वारा हमें कोई भी उत्तर नहीं मिला है। ज्ञापन में कहा गया कि उत्तराखण्ड के समस्त निकायों नगर निगम, नगर पालिका परिषद् व नगर पंचायत से ठेकेदारी प्रथा, संविदा, गैंग, नई पार्षद पुरानी समिति व दैनिक मजदूर आदि की शोषणकारी व्यवस्था समाप्त करते हुए उक्त सभी कार्यरत सफाई कर्मियों को तुरंत नियमित किया जाये। ज्ञापन में कहा गया कि डॉ. ललित मोहन रयाल कमेटी की सिफारिशो को तुरंत लागू किया जाये और पुरानी पेंशन लागू की जाये। ज्ञापन में कहा गया कि उपरोक्त मांग बिन्दुओं पर 15 दिवस में कार्यवाही न होने की दशा में अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ उत्तराखण्ड शाखा आगामी एक जनवरी 2024 से अनिश्चितकालीन आन्दोलन व हड़ताल को विवश होगा। ज्ञापन में कहा गया कि क्योंकि सभी डॉ. रयाल कमेटी की रिपोर्ट जमा होने के पश्चात से विगत दो वर्षो से निरंतर मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार, निदेशक, सचिव शहरी विकास विभाग, उत्तराखण्ड शासन, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग, भारत सरकार तथा उत्तराखण्ड अनुसूचित जाती आयोग द्वारा बार बार बैठक व पत्राचार के माध्यम से निराकरण की अपील की और साथ ही यह भी अवगत कराया की कर्मचारियों में रोष है। इस अवसर पर अनेकों सफाई कर्मचारी शामिल रहे।