देहरादून ,
चार सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद से जुड़े हुए आंदोलनकारियों, राजनैतिक दलों एवं संगठनों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी के बीच प्रदर्शन करते हुए सचिवालय कूच किया। यहां उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद के बैनर तले आंदोलनकारी, राजनैतिक दलों एवं संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता परेड ग्राउंड में इकटठा हुए और वहां से चार सूत्रीय मांगों के समाधान को लेकर सचिवालय कूच किया और जैसे ही सुभाष रोड पर रैली के रूप में पहंुचे तो पुलिस ने बैरीकैडिंग लगाकर सभी को रोक लिया और इस बीच प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक हुई और बाद सभी वहीं धरने पर बैठ गये। इस अवसर पर आंदोलनकारियों ने कहा कि लगातार संघर्ष करने के बावजूद भी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया। इस अवसर पर ज्ञापन में कहा गया कि आज राज्य को बने हुए लगभग 23 वर्ष होने को हैं उत्तराखंड के लोग वह आंदोलनकारी आज भी स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और राज्य गठन के बाद कुछ मुट्ठी भर भू माफिया शराब माफिया नकल माफिया खनन माफिया ऑन आदि ने एक गिरोह संगठन बनाकर उत्तराखंड राज्य का बे हिसाब दोहन किया है तथा खनिज संसाधनों पर अपना कब्जा कर लिया है और स्वयं को रुपए का मुनाफा प्राप्त किया है। ज्ञापन में कहा गया कि इससे उत्तराखंड राज्य के युवा महिला सहित आम जनता अपने को ठगा हुआ उपेक्षित महसूस कर रही है तथा एक बड़ा प्रश्न वाचक बन गया है कि यह राज्य आम उत्तराखंड के नागरिकों के मूलभूत विकास हेतु बना या भू माफियाओं के निजी विकास के लिए बनाया गया इन राष्ट्रीय दलों ने उत्तराखंड राज्य को मुख्यमंत्री की प्रयोगशाला बना रखा है और सरकार व मुख्यमंत्री से उत्तराखंड आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण शीघ्र पूरा हो तथा जिसमें छूटे हुए आंदोलनकारी का चिहिकरण शीघ्र किया जाए। ज्ञापन में कहा गया कि उत्तराखंड आंदोलन में बहुत से सक्रिय रहे आंदोलनकारी चिन्हीकरण की प्रक्रिया से छूट गए हैं उनके चिन्हीकरण सरकार शीघ्र कराऐ क्योंकि बहुत से आंदोलनकारी साथी अपनी उम्र पूरी करते जा रहे हैं उनका चिन्हीकरण कारण समय से कर दिया जाए ताकि वहां सरकार की योजनाओं का लाभ उठा सके और पेंशन पट्टा सभी आंदोलनकारियों को समान पेंशन 15 हजार तथा पेंशन पट्टा प्रदान किया जाए सभी आंदोलनकारी को एक समान पेंशन दी जाए। इस अवसर पर विभिन्न दलों व संगठनों के पदाधिकारी शामिल रहे।