फर्जी कंपनियों खोलकर विदेश में निवेश का झांसा, पकड़ा गया मास्टरमाइंड – uttarakhandawaaz.in

फर्जी कंपनियों खोलकर विदेश में निवेश का झांसा, पकड़ा गया मास्टरमाइंड

अभियुक्त के गैंग के विरूद्ध अलग-अलग राज्यों में लोगों से निवेश के नाम पर धोखाधडी के कई अभियोग हैं पजीकृत

अभियुक्त द्वारा अपने परिजनो के अलग-अलग नामों के आधार कार्ड व पासपोर्ट किये थे तैयार

पूर्व में उक्त प्रकरण में अभियुक्त का भाई अपनी पत्नी सहित कुल 03 अभियुक्तों की हो चुकी है गिरफ्तारी

देहरादून ,

थाईलेंड में प्रार्प्टी, रेस्टोरेन्ट आदि व्यवसायो में निवेश करने के नाम पर 3 करोड़ 38 लाख  की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के एक और सदस्य को दून पुलिस ने लंबी दौड़ भाग के बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कुछ अन्य साथी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि इस मामले में संलिप्त किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा।

बता दें कि 24-08-23 को थाना डालनवाला पर रमेश मनोचा द्वारा एक प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसमें उनके द्वारा अनिल उपाध्याय, विजय उपाध्याय, राजीव कुमार, सोनिया पत्नी राजीव कुमार व अन्य अभियुक्तों द्वारा थाईलैंड में प्रापर्टी व अन्य व्यवसायों में निवेश के नाम पर उनसे 03 करोड 38 लाख रू0 की धोखाधडी करने से सम्बन्धित तथ्य अंकित किये गये।

उक्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना डालनवाला में अभियुक्तगणों के विरूद्ध मु0अ0सं0: 178/23 धारा – 420,406,467,468,471,120 (बी)आईपीसी व 12 पासपोर्ट अधिनियम पंजीकृत किया गया।

थाना डालनवाला पर गठित पुलिस टीम द्वारा उक्त अभियोग में कार्यवाही करते हुए पूर्व में 02 अभियुक्तों राजीव कुमार पुत्र सोमप्रकाश, सोनिया पत्नी राजीव कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था तथा मुख्य अभियुक्त विजय उपाध्याय के विरूद्ध साक्ष्य संकलन करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

अभियोग में नामजद अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस द्वारा लगातार सभी सम्भावित स्थलों पर दबिश दी जा रही थी। पुलिस द्वारा लगातार किये जा रहे प्रयासों के परिणामस्वरूप दिनांक: 30-10-23 को पुलिस टीम को मुखबिर के माध्यम से उक्त अभियोग में फरार चल रहे अभियुक्त अनिल उपाध्याय पुत्र ओमप्रकाश उपाध्याय निवासी आर्यनगर डालनवाला के देहरादून आने की जानकारी प्राप्त हुई, जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त अनिल उपाध्याय को कालीदास मार्ग हाथीबडकला से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में अभियुक्त द्वारा बताया गया कि उसने अपने भाई विजय उपाध्याय, साथी राजीव कुमार व अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर अलग-अलग राज्यों में कम्पनियां खोली थीं, जिनके माध्यम से वह अपने साथियों के साथ मिलकर लोगो को भारत तथा विदेश में प्रापर्टी, रेस्टोरेंट व अन्य व्यवसायो में निवेश करने के लिये प्रेरित कर उनके साथ धोखाधडी करते थे।

अभियुक्त द्वारा अपनी पहचान छिपाने के लिये अपना तथा अपने परिजनो का नाम बदलकर अलग-अलग पासपोर्ट व आधार कार्ड तैयार किये गये थे, जिनसे वह विदेश भागने की फिराक में था।

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