देहरादून में तंबाकू निषेध सप्ताह के तहत जागरूकता कार्यशाला, राज्य में पहली बार लागू हुई तंबाकू विक्रेता लाइसेंस प्रणाली

देहरादून, 
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) के अंतर्गत गुरुवार को तंबाकू निषेध सप्ताह के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह आयोजन सर्वे चौक स्थित आईटीडीए सभागार में किया गया, जिसमें राज्य में पहली बार सेटेलाइट तंबाकू उन्मूलन केन्द्रों (STCC) का उद्घाटन हुआ और ऋषिकेश नगर निगम में तंबाकू विक्रेता लाइसेंस प्रणाली को लागू करने के लिए गजट का विमोचन किया गया।

STCC केंद्रों की शुरुआत

देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने राज्य के पहले 12 सेटेलाइट तंबाकू उन्मूलन केन्द्रों का उद्घाटन किया। इन केंद्रों में परामर्श, जांच और फार्माकोथेरेपी सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इस अवसर पर तंबाकू उन्मूलन के लिए एक एडवाइज प्रोटोकॉल भी जारी किया गया।

‘Unmasking the Appeal’ थीम पर फोकस

डीएम सविन बंसल ने अपने संबोधन में कहा कि इस वर्ष की थीम “Unmasking the Appeal” के अनुरूप एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने युवाओं को आकर्षित करने वाले तंबाकू उत्पादों की खुशबूदार और रंगीन पैकेजिंग को एक भ्रामक रणनीति बताया और इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

ऋषिकेश में नई व्यवस्था: बिना लाइसेंस नहीं बिकेगा तंबाकू

कार्यशाला में उत्तराखंड में पहली बार तंबाकू विक्रेताओं को नियंत्रित करने के लिए वेंडर लाइसेंसिंग सिस्टम को लागू किया गया। ऋषिकेश नगर निगम के आयुक्त शैलेन्द्र सिंह नेगी ने बताया कि अब कोई भी दुकानदार लाइसेंस के बिना तंबाकू उत्पाद नहीं बेच सकेगा। यह व्यवस्था शीघ्र ही अन्य नगर निगमों और निकायों में भी लागू की जाएगी।

सम्मान और प्रेरणा

इस अवसर पर कोटपा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग देने वाले प्रमुख हितधारकों को सम्मानित किया गया, जिनमें शामिल हैं:

  • नगर आयुक्त ऋषिकेश – शैलेन्द्र सिंह नेगी

  • जिला कारागार देहरादून – जेलर पवन कोठारी

  • जीआरपी – प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार

  • सनातन धर्म गर्ल्स इंटर कॉलेज मसूरी – प्राचार्या डॉ. नम्रता श्रीवास्तव

  • व्यापार मंडल मसूरी – रजत अग्रवाल

  • सीमा डेंटल कॉलेज – डॉ. ज्योत्सना सेठ

  • सामाजिक संस्थाएं – अवधेश कुमार (बालाजी सेवा संस्थान)

नाटकों और संकल्पों से गूंजा संदेश

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया और हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इसके साथ ही सभी प्रतिभागियों को तंबाकू निषेध एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई।

उपस्थिति

कार्यशाला में बड़ी संख्या में अधिकारी, डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता, एनसीसी कैडेट्स, नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राएं और आशा कार्यकर्ता शामिल रहे। मुख्य उपस्थित जनों में शामिल थे:

  • मुख्य विकास अधिकारी – अभिनव शाह

  • मुख्य चिकित्सा अधिकारी – डॉ. मनोज कुमार शर्मा

  • अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी – डॉ. निधि रावत

  • जिला शिक्षा अधिकारी – विनोद कुमार ढौंढियाल

  • दंत विशेषज्ञ व मनोचिकित्सक, समाजसेवी, जिला सलाहकार सहित कई अन्य अधिकारी

तंबाकू मुक्त समाज की दिशा में उत्तराखंड ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जागरूकता, परामर्श सेवाओं, और नियामक नियंत्रण के ज़रिए राज्य सरकार तंबाकू की लत को जड़ से मिटाने की दिशा में संकल्पित दिख रही है।

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