नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन, उत्तराखंड से भी रहा खास जुड़ाव – uttarakhandawaaz.in

नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन, उत्तराखंड से भी रहा खास जुड़ाव

गोवा स्थित आवास पर अचेत मिले दिग्गज अभिनेता, कार्डियक अरेस्ट से निधन; डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक किया बचाने का प्रयास

देहरादून ,

हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह गोवा स्थित अपने आवास पर अचेत अवस्था में मिले थे। उन्हें तत्काल मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था और करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की गई।

नाना पाटेकर के निधन की खबर से हिंदी और मराठी फिल्म जगत में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई प्रमुख हस्तियों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।

उत्तराखंड से भी रहा नाना पाटेकर का खास जुड़ाव

नाना पाटेकर का उत्तराखंड से भी गहरा जुड़ाव रहा। वर्ष 2022 में एक मराठी फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में वह उत्तराखंड पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने चमोली, रुद्रप्रयाग और देहरादून सहित प्रदेश के कई हिस्सों में समय बिताया।

रुद्रप्रयाग में शूटिंग के दौरान उन्होंने गुप्तकाशी, केदारघाटी, देवर गांव और जाखधार में भी फिल्म के दृश्यों की शूटिंग की थी। पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण ने उन्हें खासा प्रभावित किया था।

नीती घाटी और तपोवन में बिताए थे करीब नौ दिन

फिल्म की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने चमोली की नीती घाटी, तपोवन और लाता क्षेत्र में करीब नौ दिन बिताए थे। जोशीमठ और आसपास के पहाड़ी इलाकों की खूबसूरती उन्हें इतनी पसंद आई थी कि उन्होंने भविष्य में उत्तराखंड में जमीन लेकर रहने की इच्छा भी जताई थी।

उनका उत्तराखंड प्रवास महज फिल्म शूटिंग तक सीमित नहीं रहा। पहाड़ों की शांति और प्राकृतिक वातावरण ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी प्रभावित किया था।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी की थी मुलाकात

उत्तराखंड प्रवास के दौरान नाना पाटेकर ने तत्कालीन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और यहां के लोगों की सराहना की थी। उन्होंने प्रदेश को फिल्म शूटिंग के लिए बेहतरीन स्थान बताया था और पहाड़ों में अपना घर बनाने की इच्छा भी व्यक्त की थी।

देहरादून के अस्पताल में भी हुई थी फिल्म की शूटिंग

देहरादून में फिल्म की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर आरोग्यधाम अस्पताल भी पहुंचे थे। यहां फिल्म के एक दृश्य की शूटिंग की गई थी। इस दौरान वह पहाड़ी टोपी और कुर्ते में नजर आए थे।

अस्पताल में नाना पाटेकर की मौजूदगी की खबर मिलते ही उनके प्रशंसकों की भीड़ जुट गई थी। अस्पताल के स्टाफ और प्रशंसकों में उनसे मिलने को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और ऑटोग्राफ भी लिए।

पहाड़ों में बसने की इच्छा रह गई अधूरी

उत्तराखंड की प्राकृतिक खूबसूरती और शांत वातावरण से प्रभावित नाना पाटेकर की यहां रहने की इच्छा अब एक अधूरी याद बन गई है। चमोली की वादियों से लेकर देहरादून तक उनका उत्तराखंड प्रवास प्रदेश के लोगों और उनके प्रशंसकों के लिए हमेशा यादगार रहेगा।

करीब पांच दशक के करियर में नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। उनके दमदार अभिनय, प्रभावशाली संवाद अदायगी और विविध भूमिकाओं को हमेशा याद किया जाएगा।

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