रक्षाबंधन पर मातृशक्ति को सीएम धामी की बड़ी सौगात, पिंक ई-बस से हाईटेक टॉयलेट तक कई घोषणाएं

देहरादून में महिलाओं को समर्पित होंगी 10 पिंक ई-बसें, महिला स्वरोजगार योजना में ऋण सीमा ₹2.50 लाख; 60 वर्ष से महिलाओं को रोडवेज में मुफ्त सफर का लाभ

देहरादून ,

रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की महिलाओं को कई बड़ी सौगातें दी हैं। महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने पिंक ई-बस, मुफ्त रोडवेज यात्रा, महिला स्वरोजगार योजना में ऋण सीमा बढ़ाने और आधुनिक हाईटेक टॉयलेट सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

देहरादून में चलेंगी 10 पिंक ई-बसें

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत उत्तराखंड को मिलने वाली 137 इलेक्ट्रिक बसों में से देहरादून में संचालित होने वाली 100 बसों में 10 बसें महिलाओं के लिए पिंक ई-बस के रूप में समर्पित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुविधा चरणबद्ध रूप से प्रदेश के अन्य क्षेत्रों तक भी पहुंचाई जाएगी।

60 वर्ष की आयु से महिलाओं को रोडवेज में मुफ्त सफर

मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए निशुल्क रोडवेज यात्रा की सुविधा को भी बढ़ाने की घोषणा की। वर्तमान में 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को रोडवेज बसों में उपलब्ध मुफ्त यात्रा की सुविधा अब महिलाओं को 60 वर्ष की आयु से उपलब्ध कराई जाएगी। इससे प्रदेश की वरिष्ठ महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन में आवागमन की सुविधा मिलेगी।

महिला स्वरोजगार योजना में ऋण सीमा बढ़ी

महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री ने महिला स्वरोजगार योजना के तहत रियायती बैंक ऋण की सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये करने की घोषणा की। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने और अपने आर्थिक आधार को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

सार्वजनिक स्थलों पर बनेंगे हाईटेक टॉयलेट

मातृशक्ति की गरिमा, निजता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक टॉयलेट विकसित किए जाएंगे। इन केंद्रों में स्वच्छता के साथ महिलाओं की सुरक्षा, निजता और आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का भी बोध कराता है। उन्होंने कहा कि हमारे शास्त्रों में भी नारी सम्मान को सर्वोच्च महत्व दिया गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ें और नए कीर्तिमान स्थापित करें। सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार योजनाएं संचालित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक उत्तराखंड की प्रत्येक बहन सम्मानित, सशक्त और आत्मनिर्भर नहीं हो जाती, तब तक राज्य सरकार इसी संकल्प के साथ प्रदेश की उन्नति और मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए कार्य करती रहेगी।

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