देहरादून में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, गंदगी और लाइसेंस न मिलने पर तीन रेस्टोरेंट बंद

दूध, पनीर, दाल और चीज समेत कई खाद्य पदार्थों के लिए गए सैंपल, लैब जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

देहरादून ,

राजधानी देहरादून में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावटखोरी के खिलाफ खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने व्यापक अभियान चलाया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में विभागीय टीमों ने होटल, रेस्टोरेंट, दुग्ध प्रतिष्ठानों और अन्य खाद्य कारोबारियों के यहां सघन निरीक्षण किया।

अभियान के दौरान दूध, पनीर, दाल और चीज समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। वहीं खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन मिलने पर तीन रेस्टोरेंट को मौके पर ही बंद करा दिया गया।

विभागीय टीमों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के साथ प्रतिष्ठानों की किचन की स्वच्छता, खाद्य लाइसेंस, कच्चे माल के स्रोत, खरीद के बिल, पैकेजिंग, लेबलिंग, बैच नंबर और निर्माण तिथि की भी जांच की।

होटल मधुवन, जेएसआर और सरोवर पोर्टिको में जांच

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त विनय शंकर पांडे के निर्देश पर टीमों ने देहरादून के प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी के अनुसार होटल मधुवन, जेएसआर और फाइव स्टार होटल सरोवर पोर्टिको के किचन और स्टोर की जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान स्टोर में रखी खाद्य सामग्री के स्रोत, खरीद के बिल, पैकेजिंग और लेबलिंग समेत विभिन्न मानकों को परखा गया। पैक्ड इमली की लेबलिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर संबंधित निर्माता को नोटिस जारी किया गया। इसके अलावा तैयार दाल के दो और चीज का एक नमूना जांच के लिए लिया गया।

गंदगी और खाद्य लाइसेंस की कमी पर तीन रेस्टोरेंट बंद

राजपुर रोड स्थित वन विभाग कार्यालय के बाहर संचालित रेस्टोरेंटों में भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। इस दौरान दो रेस्टोरेंट की रसोई में अत्यधिक गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियां पाई गईं।

एक अन्य प्रतिष्ठान में वैध खाद्य लाइसेंस उपलब्ध नहीं था और किचन में भी गंभीर गंदगी मिली। खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर राजीव पुत्र दरवारी लाल, गढ़वाल भोजनालय और लजीज काठी रोल को मौके पर बंद करा दिया गया।

विभाग ने स्पष्ट किया कि जब तक संबंधित प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक वहां खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं की जाएगी।

खुले पनीर और दूध के भी लिए गए नमूने

अभियान के दौरान एक रेस्टोरेंट से खुले पनीर का नमूना लिया गया। वहीं वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम देहरादून रमेश सिंह के नेतृत्व में टीम ने नेहरू ग्राम और छह नंबर पुलिया क्षेत्र के दुग्ध प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।

संदेह के आधार पर टीम ने मौके से एक दूध और एक पनीर का नमूना भी लिया। विभाग के अनुसार सभी नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जा रहा है।

लैब रिपोर्ट के बाद होगी कानूनी कार्रवाई

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट, अनधिकृत दुग्ध उत्पादों के इस्तेमाल और स्वच्छता मानकों की अनदेखी को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि लिए गए नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। यदि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

आयुक्त विनय शंकर पांडे ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। खासतौर पर दूध, पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता पर विभाग की विशेष नजर है।

उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण, खाद्य पदार्थों के नमूने लेने और अभियान की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि देहरादून में खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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