देहरादून ,
उत्तराखंड के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने बाबा बौखनाग की पवित्र तपोस्थली बौख (बौख नाग धाम) को धार्मिक पर्यटन स्थल घोषित करते हुए इसे प्रदेश के पर्यटन मानचित्र में शामिल करने के निर्देश दिए हैं।
18 जुलाई 2026 को बाबा बौखनाग धाम की डोली यात्रा के जनपद आगमन के अवसर पर श्री बाबा बौखनाग देव समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री सतपाल महाराज से मुलाकात कर यमुना और गंगा घाटी के मध्य स्थित सिलक्यारा सुरंग के ऊपर बौख टिब्बा (बौखनाग धाम) को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग रखी थी। मांग पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मंत्री ने सचिव पर्यटन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए।
सतपाल महाराज ने कहा कि बाबा बौखनाग की पवित्र तपोस्थली बौख टिब्बा आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रत्येक तीसरे वर्ष ‘सेम नाग राजा’ की परंपरा पर आधारित त्रिवार्षिक राजकीय मेले का भव्य आयोजन किया जाता है। यह मेला यमुना घाटी और गंगा घाटी के श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि बौखनाग धाम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक पहुंचते हैं। धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से यह स्थल अत्यंत महत्वपूर्ण है। क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए इसे धार्मिक पर्यटन स्थल घोषित किया गया है।
इस निर्णय से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय रोजगार, पर्यटन अवसंरचना और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।