देहरादून ,
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा तैयार की जा रही देहरादून महायोजना-2041 को जनआकांक्षाओं के अनुरूप अंतिम स्वरूप देने के लिए चलाया जा रहा जनसंवाद अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। अभियान के दसवें दिन उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण (हुडा) कार्यालय, राजीव गांधी कॉम्प्लेक्स, तहसील चौक में आयोजित जनसुनवाई में बड़ी संख्या में नागरिकों ने विकास से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराईं।
जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों ने नागरिकों की समस्याओं और सुझावों को विस्तार से सुना। लोगों ने भूमि उपयोग, यातायात व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखी।
यातायात और पार्किंग पर विशेष जोर
प्रतिभागियों ने शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और पार्किंग की समस्या को प्रमुख चुनौती बताते हुए महायोजना में सड़क नेटवर्क के विस्तार, बहुस्तरीय पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और वैकल्पिक यातायात मार्ग विकसित करने का सुझाव दिया। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को और सुदृढ़ बनाने की मांग भी उठाई गई।
पर्यावरण संरक्षण को मिले प्राथमिकता
जनसुनवाई में नागरिकों ने हरित क्षेत्रों, जल स्रोतों, नदियों और सार्वजनिक खुले स्थलों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। वर्षा जल निकासी, जलभराव की समस्या और भूजल संरक्षण के लिए प्रभावी प्रावधान शामिल करने की भी मांग की गई, ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।
स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बने विकास की रूपरेखा
भू-स्वामियों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने क्षेत्र विशेष की आवश्यकताओं के अनुसार भूमि उपयोग प्रस्तावों और विकास नियंत्रण नियमों पर अपने सुझाव दिए। एमडीडीए की तकनीकी टीम ने सभी सुझावों और आपत्तियों को दर्ज करते हुए भरोसा दिलाया कि प्रत्येक बिंदु का विशेषज्ञ स्तर पर परीक्षण कर व्यवहारिक सुझावों को महायोजना में शामिल किया जाएगा।
20 जुलाई को सेक्टर-11 की जनसुनवाई
एमडीडीए के अनुसार 20 जुलाई 2026 को सेक्टर-11 की जनसुनवाई राजकीय बालिका पॉलिटेक्निक कॉलेज, सुद्धोवाला, देहरादून में आयोजित की जाएगी। प्राधिकरण ने संबंधित क्षेत्र के नागरिकों, संस्थाओं, भू-स्वामियों और अन्य हितधारकों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराने की अपील की है।
जनभागीदारी से बनेगी बेहतर महायोजना
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून महायोजना-2041 केवल एक विकास दस्तावेज नहीं, बल्कि राजधानी के भविष्य की व्यापक विकास दृष्टि है। उन्होंने कहा कि नागरिकों से प्राप्त सुझाव योजना को अधिक व्यावहारिक, प्रभावी और जनहितकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
वहीं, एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों का तकनीकी एवं विधिक परीक्षण किया जाएगा, ताकि अंतिम महायोजना विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं के बीच संतुलन स्थापित करते हुए राजधानी की भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा कर सके।