लावारिस मरीज के लिए देवदूत बने जिलाधिकारी, तत्काल उपलब्ध कराई इमरजेंसी चिकित्सा; आईसीयू, सफाई और व्यवस्थाओं में मिलीं गंभीर खामियां
देहरादून ,
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार रात जिला कोरोनेशन अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। रात 8 बजे अचानक पहुंचे डीएम के निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में लापरवाही, गंदगी और व्यवस्थागत खामियां सामने आने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) की संयुक्त समिति गठित कर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर तत्काल रिपोर्ट तलब की है।
आईसीयू में एसी बंद, रजिस्टरों में मिलीं खामियां
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सबसे पहले आईसीयू वार्ड पहुंचे, जहां मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। आईसीयू में एयर कंडीशनर बंद मिला, जिससे मरीज उमस और घुटन से परेशान थे। डीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आईसीयू जैसी संवेदनशील जगह पर ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एसी चालू कराने में देरी को लेकर अस्पताल के पीआरओ पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए और सीएमएस से जवाब मांगा गया। इसके अलावा आईसीयू के स्टॉक रजिस्टर में 29 जून के बाद दवाओं का विवरण दर्ज नहीं मिला। सिस्टर इंचार्ज आकस्मिक अवकाश पर थीं और कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका में भी कई अनियमितताएं पाई गईं।
अनावश्यक रेफरल और खराब सुविधाओं पर नाराजगी
जिलाधिकारी ने बाल रोग कक्ष, पुरुष, महिला और सर्जरी वार्ड का भी निरीक्षण किया। पुरुष वार्ड में लीवर की बीमारी से पीड़ित एक मरीज को रेफर करने की तैयारी थी, जिस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि मरीज का उपचार अस्पताल में संभव है तो उसे अनावश्यक रूप से रेफर न किया जाए।
निरीक्षण के दौरान मरीजों को दिए जा रहे फटे कंबल मिलने पर डीएम ने अस्पताल मैटर्न से स्पष्टीकरण मांगा और सभी खराब कंबलों को तत्काल कंडम करने के निर्देश दिए।
लिफ्ट और शौचालयों की स्थिति पर जताई नाराजगी
अस्पताल की लिफ्ट में पान की पीक और गंदगी मिलने पर जिलाधिकारी ने सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने सुरक्षा के दृष्टिकोण से लिफ्ट में सीसीटीवी कैमरा नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। महिला शौचालय में पुरुष यूरिनल लगे होने पर उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
लावारिस मरीज को समय पर मिली चिकित्सा सहायता
सर्जरी वार्ड में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी की नजर एक लावारिस मरीज पर पड़ी, जिसकी हालत बेहद गंभीर थी। मरीज का शुगर लेवल 40 से भी कम था और उसके आसपास गंदगी व बासी खाने की प्लेटें पड़ी थीं। मरीज की सुध लेने वाला कोई नहीं था।
डीएम ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए मरीज को आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। प्रशासनिक टीम के पहुंचने से कुछ ही देर पहले वार्ड में आनन-फानन में सफाई शुरू होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।
मरीजों से लिया फीडबैक
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सीएमओ और सीएमएस को अस्पताल में मिली सभी कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता को बेहतर, स्वच्छ और सम्मानजनक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
इस दौरान डीएम ने मरीजों से बातचीत कर उनका हाल जाना और अस्पताल में मिल रही सुविधाओं का फीडबैक लिया। निरीक्षण के समय आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी मनीष शर्मा सहित अस्पताल के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।