बैंकों की मनमानी पर डीएम सख्त, बोले- जनता को परेशान किया तो होगी कार्रवाई; जिले का पैसा जिले के विकास में लगेगा

देहरादून ,

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) की कार्यप्रणाली को लेकर सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (DLRC) और जिला सलाहकार समिति (DCC) की त्रैमासिक समीक्षा बैठक में उन्होंने बैंकों को जनता के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने और जिले के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए।

डीएम ने स्पष्ट कहा कि केवल जमा राशि जुटाना बैंकों का काम नहीं है, बल्कि जिले के विकास, रोजगार सृजन और स्वरोजगार योजनाओं को बढ़ावा देना भी उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बैंकों की लापरवाही से जनता परेशान हुई तो प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा।

गरीबों को कर्ज के जाल में फंसाने पर NBFCs को चेतावनी

बैठक में जिलाधिकारी ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ऋण वितरण और फाइनेंसिंग के नाम पर लोगों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरबीआई के नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा।

डीएम ने कहा कि किसी गरीब व्यक्ति को कर्ज के जाल में फंसाकर उसका घर नीलाम करने या उसे सड़क पर आने के लिए मजबूर करने जैसी स्थिति पैदा हुई तो प्रशासन सख्त कदम उठाएगा। ऋण वितरण में अनियमितता से कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

बैठक से अनुपस्थित बैंकों को नोटिस

समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने वाले बैंकों पर भी प्रशासन ने नाराजगी जताई। बंधन बैंक, इंडसइंड बैंक और आईडीएफसी बैंक के प्रतिनिधि बैठक में मौजूद नहीं रहे। इसके अलावा कुछ अन्य बैंकों के अधिकारी भी अनुपस्थित रहे, जिस पर डीएम ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

SBI के प्रदर्शन पर डीएम नाराज

क्रेडिट डिपॉजिट रेशियो (CD Ratio) की समीक्षा में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का प्रदर्शन कमजोर पाया गया। जिले में एसबीआई का सीडी रेशियो 21.73 प्रतिशत रहा। वहीं कृषि क्षेत्र के लिए निर्धारित 277.50 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले बैंक केवल 28.53 प्रतिशत ऋण ही वितरित कर सका।

इस पर डीएम ने कहा कि जिले के लोगों की जमा पूंजी का उपयोग जिले के विकास कार्यों में होना चाहिए। जो बैंक जिले से पैसा लेकर बाहर निवेश करेंगे, उन्हें प्रशासन की ओर से सहयोग नहीं मिलेगा। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले बैंकों को हरसंभव सहयोग देने की बात कही।

स्वरोजगार योजनाओं के आवेदनों को लंबित न रखें

डीएम ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण एवं शहरी आजीविका मिशन जैसी योजनाओं के आवेदनों पर तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाए। यदि किसी आवेदन को अस्वीकार किया जाता है तो बैंक को स्पष्ट कारण बताना होगा, ताकि आवेदक अपनी कमियां सुधार सके।

6 बड़े बैंकों का CD Ratio मानक से कम

बैठक में लीड बैंक अधिकारी संजय भोटिया ने बताया कि मार्च तक देहरादून जिले का औसत सीडी रेशियो 42.69 प्रतिशत रहा, जो दिसंबर की तुलना में बेहतर है। हालांकि जिले के 32 बैंकों में से एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, यूको बैंक, आईडीबीआई बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा का सीडी रेशियो आरबीआई के 40 प्रतिशत मानक से कम है।

जिले में 921 एटीएम में से 916 सक्रिय हैं और करीब 95.98 प्रतिशत नागरिक डिजिटल लेनदेन से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत लक्ष्य 650 के मुकाबले 751 आवेदकों को ऋण वितरित किया गया है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, लीड बैंक अधिकारी संजय भोटिया, आरबीआई के एलडीओ अवनेश्वर सिंह, नाबार्ड के डीडीएम प्रदीप राम सहित विभिन्न विभागों और बैंकों के अधिकारी मौजूद रहे।

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