विश्व हिन्दू परिषद भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों के संरक्षण का सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री धामी

विहिप मार्गदर्शक मंडल की बैठक में सीएम धामी ने कहा- उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही सरकार

हरिद्वार,

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को भूपतवाला, हरिद्वार में आयोजित विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व हिन्दू परिषद पिछले छह दशकों से सेवा, संस्कार, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय चेतना के सुदृढ़ीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि परिषद भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन का एक सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में देश और दुनिया तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों, परंपराओं और मूल्यों के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने सामाजिक एकता, समरसता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए सभी वर्गों से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के पुनर्जागरण का साक्षी बन रहा है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल लोक जैसे कार्यों ने देश की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार प्रदेश को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। केदारखण्ड और मानसखण्ड क्षेत्रों में प्राचीन मंदिरों के पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण के साथ हरिपुर कालसी स्थित यमुनातीर्थ के पुनरुद्धार, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर और गोल्ज्यू कॉरिडोर जैसी योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक विरासत और मूल स्वरूप के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है, समान नागरिक संहिता लागू कर समान अधिकार एवं समान कानून सुनिश्चित किए गए हैं तथा सख्त भू-कानून के माध्यम से प्रदेश की भूमि और जनहितों की रक्षा के लिए कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के उद्देश्य से दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज’ की स्थापना की गई है, जहां भारतीय दर्शन, संस्कृति और सभ्यता से जुड़े विषयों पर अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा दिया जाएगा।

बैठक से पहले मार्गदर्शक मंडल से जुड़े संत-महात्माओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को धर्मरक्षक और सनातन सेवा के लिए समर्पित बताते हुए संत समाज की ओर से आशीर्वाद प्रदान किया।

महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जहां विश्वभर में सनातन संस्कृति को नई पहचान मिल रही है, वहीं उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में सनातन मूल्यों के संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।

महामंडलेश्वर स्वामी रूपेन्द्र प्रकाश महाराज ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर का निर्माण ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने उत्तराखण्ड में सांस्कृतिक विरासत और देवभूमि के स्वरूप के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

बैठक की अध्यक्षता अटल पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी विश्वात्मानन्द महाराज ने की। बैठक में देशभर से आए संत-महात्माओं, धर्माचार्यों और विश्व हिन्दू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सहभागिता की।

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