देहरादून/ऋषिकेश ,
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Nabin ने ऋषिकेश स्थित Parmarth Niketan पहुंचकर विधिवत गंगा पूजन किया तथा भव्य गंगा आरती में सहभागिता की। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने मां गंगा से देश एवं प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
परमार्थ निकेतन घाट पर आयोजित गंगा आरती के दौरान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। वेद मंत्रों, भजन-कीर्तन और दीपों की अलौकिक छटा के बीच मुख्यमंत्री एवं भाजपा अध्यक्ष ने मां गंगा की आराधना कर प्रदेश की उन्नति, जनकल्याण और विश्व शांति के लिए प्रार्थना की।
अपने संबोधन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि मां गंगा के पावन तट पर आना सदैव आत्मीय और आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और सनातन परंपरा की जीवंत धारा है, जिसने सदियों से देश की आध्यात्मिक चेतना को पोषित किया है।
उन्होंने कहा कि भारत की संत परंपरा ने हर कठिन और विपरीत परिस्थिति में समाज को दिशा देने का कार्य किया है। जब-जब देश सामाजिक, सांस्कृतिक या वैचारिक चुनौतियों से गुजरा, तब संतों और ऋषियों ने अपने तप, त्याग और ज्ञान से समाज को नई ऊर्जा और मार्गदर्शन प्रदान किया।
नितिन नवीन ने कहा कि भारत की तपस्या, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों की परंपरा सदियों से जनमानस में जीवित रही है तथा संत समाज ने इस महान विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि आज भी भारत की सांस्कृतिक शक्ति और आध्यात्मिक चेतना विश्व को आकर्षित कर रही है। उत्तराखंड जैसी देवभूमि हमारी सनातन संस्कृति की आत्मा है, जहां से पूरे देश को आध्यात्मिक प्रेरणा प्राप्त होती है।
उन्होंने कहा कि गंगा, संत परंपरा और भारतीय संस्कृति का संरक्षण केवल धार्मिक दायित्व नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है।
इस अवसर पर Swami Chidanand Muni ने मुख्यमंत्री एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए गंगा संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और मानव सेवा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है और राष्ट्रहित में लिए गए निर्णयों से देश की प्रतिष्ठा विश्वभर में बढ़ी है।
स्वामी चिदानंद मुनि ने उत्तराखंड को दिव्यता, संयम और संगम की धरती बताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यों की सराहना की तथा गंगा और भारतीय संस्कृति के वैश्विक महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। गंगा आरती के दौरान पूरा वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत दिखाई दिया।