देहरादून ,
उत्तराखंड में अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में सियासी हलचल तेज होने जा रही है। पुष्कर सिंह धामी सरकार ने 28 अप्रैल को विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाया है, जिसमें महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
इस विशेष सत्र का मुख्य फोकस नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर रहेगा। हाल ही में संसद में इस विषय को लेकर हुई राजनीतिक गतिविधियों के बाद अब राज्य स्तर पर भी इस मुद्दे पर सक्रियता बढ़ गई है।
महिला आरक्षण और परिसीमन पर चर्चा संभव
माना जा रहा है कि सरकार इस सत्र के जरिए राज्य में महिला आरक्षण लागू करने और उससे जुड़े परिसीमन (Delimitation) जैसे पहलुओं पर विचार-विमर्श कर सकती है। यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम माना जा रहा है।
तैयारियां तेज, नोडल अधिकारी तैनात
सूत्रों के अनुसार, विशेष सत्र को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों को नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे साफ है कि सरकार इस सत्र को लेकर गंभीर है और इसे प्रभावी तरीके से संचालित करना चाहती है।
राजनीतिक रूप से अहम होगा सत्र
संसद में महिला आरक्षण बिल को लेकर बनी परिस्थितियों के बाद राज्यों में नई रणनीति तैयार की जा रही है। ऐसे में उत्तराखंड का यह विशेष सत्र राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में सरकार इस सत्र के माध्यम से महिला सशक्तिकरण से जुड़े ठोस फैसलों की दिशा में कदम बढ़ा सकती है। अब सभी की नजरें 28 अप्रैल को होने वाले इस सत्र और उससे निकलने वाले निर्णयों पर टिकी हैं।