देहरादून ,
उत्तराखण्ड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने फर्जी तरीके से बाहरी राज्यों के शस्त्र लाइसेंस बनवाकर उन्हें उत्तराखण्ड में वैध दिखाने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अमित यादव पुत्र डालचंद यादव, निवासी देहरादून के रूप में हुई है। उसके कब्जे से एक फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किया गया है।
🔍 फर्जी लाइसेंस का बड़ा नेटवर्क उजागर
जांच में सामने आया है कि आरोपी बाहरी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाकर, फर्जी एनओसी के आधार पर उन्हें उत्तराखण्ड की शस्त्र पंजिका में दर्ज कराता था और असली के रूप में उपयोग करता था।
📍 जांच में सामने आई अहम जानकारी
एसटीएफ द्वारा की गई जांच में पाया गया कि संबंधित लाइसेंस अमृतसर (पंजाब) से जारी दिखाया गया था, लेकिन वास्तव में वहां से ऐसा कोई लाइसेंस जारी ही नहीं हुआ था। इसके बावजूद वर्ष 2017 में इसे देहरादून जिलाधिकारी कार्यालय में दर्ज करा दिया गया था।
🚔 ऐसे हुई गिरफ्तारी
एसटीएफ टीम ने थाना क्लेमनटाउन में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। सुरागरसी-पतारसी के बाद आरोपी को देहरादून के लकड़मंडी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
👮♂️ SSP STF का बयान
अजय सिंह ने बताया कि लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि बाहरी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाकर अपराधी उत्तराखण्ड में उन्हें वैध कराकर इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर विशेष टीम गठित कर जांच की गई और यह सफलता मिली।
⚠️ पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
इस वर्ष एसटीएफ पहले भी एक अन्य अभियुक्त को फर्जी लाइसेंस, अवैध सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल (.30 बोर) और कारतूस के साथ गिरफ्तार कर चुकी है।
📊 आगे की कार्रवाई जारी
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि बड़े स्तर पर ऐसे फर्जी लाइसेंस कई जनपदों में दर्ज कराए गए हैं। एसटीएफ अब इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है।
👉 उत्तराखण्ड में अपराध पर लगाम लगाने के लिए एसटीएफ की यह कार्रवाई अहम मानी जा रही है, और संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस धारकों पर अब कड़ी नजर रखी जा रही है।