सुरों की मल्लिका आशा भोसले का निधन, संगीत जगत में शोक की लहर

मुंबई ,

हिंदी सिनेमा की दिग्गज और स्वर कोकिला के रूप में प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले का रविवार को निधन हो गया। वे 92 वर्ष की थीं। जानकारी के अनुसार, उन्हें तबीयत बिगड़ने पर मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।

उनके निधन की पुष्टि परिवार की ओर से की गई है। बताया जा रहा है कि उनका अंतिम संस्कार सोमवार को शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा।

🎵 संगीत का स्वर्णिम अध्याय समाप्त
आशा भोसले ने अपने लंबे और शानदार करियर में हजारों गीतों को अपनी आवाज दी। हिंदी सिनेमा के अलावा उन्होंने कई क्षेत्रीय भाषाओं में भी गाने गाकर अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी आवाज में गाए गए गीत आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं।

🌄 गढ़वाली संगीत से भी रहा जुड़ाव
बहुमुखी प्रतिभा की धनी आशा भोसले ने उत्तराखंड की गढ़वाली भाषा में भी अपनी आवाज दी। उन्होंने “गौवार छोरा” (Gwar Chhora) जैसे गीत गाकर पहाड़ी संगीत को भी नई पहचान दिलाई।

🙏 देशभर में शोक की लहर
उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री सहित पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। कलाकार, राजनेता और प्रशंसक सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

👉 आशा भोसले का जाना भारतीय संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके अमर गीत हमेशा उन्हें जीवित रखेंगे।

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