देहरादून,
डीजीपी अशोक कुमार की अध्यक्षता में उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय में अपराध एवं कानून व्यवस्था से संबंधित महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में भूमि संबंधी धोखाधड़ी, गुमशुदगी के मामले, और लंबित विवेचनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि भूमि संबंधी धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से कार्रवाई की जा रही है। पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के तहत राज्यभर में बड़ी संख्या में मामलों में कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए जांच प्रक्रिया को तेज किया जाए।
डीजीपी ने कहा कि भूमि धोखाधड़ी में कई आरोपी बाहरी राज्यों से आकर अपराध कर रहे हैं, इसलिए उनके आपराधिक इतिहास की जांच अनिवार्य रूप से की जाए और आवश्यक होने पर अन्य राज्यों की पुलिस से समन्वय स्थापित किया जाए।
गुमशुदगी के मामलों पर विशेष चिंता जताते हुए निर्देश दिए गए कि विशेषकर नाबालिग बच्चों के मामलों में तुरंत FIR दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की जाए। साथ ही, गुमशुदा व्यक्तियों के रिकॉर्ड को और अधिक व्यवस्थित और अपडेट रखने पर जोर दिया गया।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि लंबित विवेचनाओं (Pending Investigations) को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द निपटाया जाए। 3 वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों की विशेष समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा गया।
डीजीपी ने सभी जनपद प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण के लिए नियमित मॉनिटरिंग और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। साथ ही, आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया को मजबूत बनाते हुए समयबद्ध चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश भी दिए गए।
👉 बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और अपराध नियंत्रण को लेकर भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई।
निष्कर्ष:
यह बैठक राज्य में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
