देहरादून,
आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना (MPRY) तथा मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम (MBADP) की अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और समयबद्ध प्रगति पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पलायन रोकथाम और सीमांत क्षेत्रों में रोजगार व आजीविका से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर गैप न रहे। उन्होंने जनपदों से आने वाले प्रस्तावों के अनुमोदन की प्रक्रिया तेज करते हुए तय टाइमलाइन के भीतर कार्य पूर्ण करने को कहा।
उन्होंने योजनाओं से धरातलीय आउटकम सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए टारगेट आधारित और प्रभावी हस्तक्षेप अपनाने के निर्देश दिए, ताकि अपेक्षित परिणाम मिल सकें। मुख्य सचिव ने कहा कि जिन गांवों में MPRY और MBADP संचालित हैं, वे स्वरोजगार और आजीविका के क्षेत्र में अन्य सीमांत गांवों के लिए प्रेरणादायी मॉडल बनें।
📊 योजनाओं की प्रगति
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MPRY (2025–26) के तहत 12 जनपदों में 90 योजनाएं प्रस्तावित।
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MBADP (2025–26) के तहत 5 सीमांत जनपदों के विकासखंडों में 155 योजनाएं प्रस्तावित।
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MPRY के माध्यम से राज्य के पलायन-प्रभावित 474 गांवों में स्वरोजगार उपलब्ध कराने पर काम जारी।
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MBADP के जरिए सीमांत क्षेत्रों में सतत आजीविका और रोजगार संसाधन विकसित किए जा रहे हैं।
🔍 विशेष निर्देश
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सीमांत गांवों के संसाधनों और कमियों (गैप) का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाए।
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उसी आधार पर योजनाओं का प्रभावी इम्प्लीमेंटेशन हो।
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दोनों योजनाओं की प्रगति में तेजी लाई जाए।
बैठक में पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एस.एस. नेगी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।