देहरादून ,
उत्तराखंड में जल्द ही स्पोर्ट्स स्कूलों की नई व्यवस्था देखने को मिलेगी। खेल मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय अधिकारियों को इस कॉन्सेप्ट पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं, ताकि छोटी उम्र से ही बच्चों को खेलों की ओर व्यवस्थित रूप से तैयार किया जा सके।
सोमवार को यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में खेल मंत्री ने कहा कि प्रदेश को खेल भूमि के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक है कि बच्चों को कम उम्र से ही गुणवत्तापूर्ण खेल प्रशिक्षण मिले। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 14 स्पोर्ट्स हॉस्टल संचालित हैं, लेकिन यह पुराना मॉडल आज की जरूरतों के अनुरूप पूरी तरह प्रभावी नहीं रह गया है।
उन्होंने निर्देश दिए कि इन स्पोर्ट्स हॉस्टलों को चरणबद्ध तरीके से स्पोर्ट्स स्कूल के रूप में विकसित किया जाए, जहां लगभग 6 वर्ष की आयु से बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ पेशेवर खेल प्रशिक्षण दिया जा सके। मंत्री ने कहा कि इससे खिलाड़ियों की मजबूत आधारशिला तैयार होगी और भविष्य में राज्य को बेहतर खिलाड़ी मिल सकेंगे।
निजी क्षेत्र को भी जोड़ा जाएगा
बैठक में खेल मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि निजी क्षेत्र को भी स्पोर्ट्स स्कूल स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए सरकारी सहायता और प्रोत्साहन की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही “स्पोर्ट्स नर्सरी” स्थापित करने का प्रस्ताव भी शीघ्र तैयार करने को कहा गया, ताकि प्रतिभाओं की पहचान और प्रशिक्षण और अधिक व्यवस्थित हो सके।
“एक जनपद एक खेल” योजना पर जोर
रेखा आर्या ने बताया कि “एक जनपद एक खेल” परिकल्पना के तहत प्रत्येक जिले के लोकप्रिय खेल को उस जनपद की पहचान के रूप में विकसित किया जाएगा। इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर जल्द ही कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य संसाधनों का बेहतर उपयोग और खेलों का क्षेत्रीय विशेषज्ञता के साथ विकास करना है।
फिट उत्तराखंड ऐप से ऑनलाइन कोचिंग
खेल मंत्री ने जानकारी दी कि “फिट उत्तराखंड” ऐप पर अब तक राज्य के विभिन्न आयु वर्ग के 1.22 लाख से अधिक एथलीट पंजीकरण कर चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐप पर खिलाड़ियों द्वारा अपलोड किए जा रहे वीडियो का विश्लेषण कर उन्हें ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि अग्निवीर भर्ती प्रशिक्षण केंद्रों और ओपन जिम के संचालन के लिए स्कूलों और कॉलेजों के खेल मैदानों का उपयोग किया जाएगा, जिससे उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम लाभ लिया जा सके।
खेल विश्वविद्यालय में जुलाई से कक्षाएं शुरू करने के निर्देश
बैठक में हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड खेल विश्वविद्यालय में आगामी जुलाई सत्र से कक्षाएं शुरू करने की तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय राज्य में खेल शिक्षा और शोध का प्रमुख केंद्र बने, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं।
बैठक में विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित कुमार सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान, अपर निदेशक अजय अग्रवाल तथा महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई समेत विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
सरकार की इस पहल को राज्य में खेल प्रतिभाओं को निखारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि योजना प्रभावी रूप से लागू होती है तो उत्तराखंड आने वाले वर्षों में खेल क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।