कानून-व्यवस्था पर CM पुष्कर सिंह धामी के सख्त तेवर, अफसरों को परफॉर्मेंस ऑडिट और परिणाम देने का अल्टीमेटम

देहरादून ,

राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज बेहद सख्त नजर आए। सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि अभियोजन व्यवस्था को मजबूत किया जाए और संबंधित विभाग के अफसरों का परफॉर्मेंस ऑडिट कराया जाए। उन्होंने चेताया कि अब सिर्फ फाइलों की नहीं, जमीन पर नतीजों की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस और प्रशासन को आम जनमानस के प्रति संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी होना होगा। बेगुनाहों को अनावश्यक रूप से परेशान करने की किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा। पुलिस थानों और चौकियों के वर्क कल्चर में तुरंत सुधार लाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इसका असर साफ दिखना चाहिए।

All India DG-IG Conference के निष्कर्षों की समीक्षा

बैठक में मुख्यमंत्री ने All India DG-IG Conference में सामने आए निष्कर्षों के आधार पर पर्यटन प्रबंधन, राजस्व, नशा मुक्ति, अभियोजन, कारागार सुधार और जनशिकायत निवारण से जुड़े विषयों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ सहित सभी सचिव, प्रमुख सचिव, जिलाधिकारी और एसएसपी मौजूद रहे।

पर्यटन और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद देहरादून में पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होगी। इसे देखते हुए होटल, आवास, पार्किंग, ट्रैफिक प्लान, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं।
उन्होंने यह भी बताया कि अल्मोड़ा–पिथौरागढ़ मार्ग पर कैंची धाम बाइपास जून माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा।

लैंड फ्रॉड और अतिक्रमण पर सख्ती

मुख्यमंत्री धामी ने भूमि से जुड़े अपराधों और लैंड फ्रॉड मामलों में कठोर कानून बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। नदी-नालों और सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण को लेकर उन्होंने सभी डीएम को एसडीएम, लेखपाल और पटवारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। नियमों का उल्लंघन करने वालों और अतिक्रमण को संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए।

राजस्व, नशा मुक्ति और पुलिसिंग पर निर्देश

मुख्यमंत्री ने राजस्व व्यवस्था की समीक्षा करते हुए आय के वैकल्पिक स्रोत बढ़ाने, सब्सिडी योजनाओं के आउटकम का मूल्यांकन करने और मामलों में देरी खत्म करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति अभियान को जन आंदोलन के रूप में चलाया जाए और इसकी नियमित समीक्षा गृह सचिव व डीजीपी करें। पुलिस को रात्रि गश्त और निरंतर पेट्रोलिंग पर विशेष फोकस करने के निर्देश भी दिए गए।

जेल सुधार, जन शिकायत और डिजिटल गवर्नेंस

जेल विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने बंदियों के लिए कौशल विकास, पुनर्वास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और मानवाधिकारों के सख्त पालन पर जोर दिया।
1905 हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा कर जीरो पेंडेंसी सुनिश्चित करने और अगले छह माह में विशेष अभियान चलाकर हर जिले के गांवों को 100 प्रतिशत योजनाओं से संतृप्त करने के निर्देश दिए।

चारधाम यात्रा और सड़कों पर अलर्ट

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस को औपचारिकता नहीं, बल्कि गंभीरता से लागू किया जाए। चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर संबंधित जनपदों में संयुक्त समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए गए। वहीं PWD को आदेश दिए गए कि 15 फरवरी तक सड़कों के डामरीकरण का काम शुरू किया जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो

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