देहरादून ,
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने शुक्रवार को पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश में आयोजित श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उपाधियां एवं स्वर्ण पदक प्रदान कर शुभकामनाएं दीं, साथ ही उत्कृष्ट सेवाओं के लिए शिक्षकों को सम्मानित किया। राज्यपाल ने परिसर में अतिथि गृह, टाइप-5 आवास एवं बहुउद्देशीय भवन का लोकार्पण भी किया।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता से अधिक प्रसन्नता उनके माता-पिता और शिक्षकों के चेहरों पर झलकती है, जो समाज की सबसे बड़ी उपलब्धि का प्रतीक है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि विश्वविद्यालय के 21,664 विद्यार्थियों ने उपाधियां प्राप्त की हैं और वे राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राज्यपाल ने कहा कि युवा अमृत पीढ़ी 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करेगी।
स्वर्ण पदक विजेताओं को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि उनमें आत्मविश्वास, ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये विद्यार्थी भविष्य के सशक्त नेतृत्वकर्ता बनेंगे। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल नौकरी खोजने वाले न बनें, बल्कि रोजगार सृजक, उद्यमी और नवाचारी बनकर समाज को दिशा दें। साथ ही नशा, भ्रष्टाचार और स्वार्थ से दूर रहकर कर्मयोग के माध्यम से बड़े सपनों को साकार करने का संदेश दिया।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध उपलब्धियों की सराहना करते हुए शोध पत्र प्रकाशन, पेटेंट, एलुमनाई मिलाप और छात्र क्लबों की गतिविधियों को उल्लेखनीय बताया। उन्होंने कहा कि शोध और नवाचार ही भारत को विश्व गुरु बनाएंगे। प्राचीन सभ्यता को आधुनिक तकनीक से जोड़ने को उन्होंने 21वीं सदी का सबसे बड़ा अवसर बताया और विश्वविद्यालय परिवार की एकजुटता की प्रशंसा करते हुए “एकता में शक्ति” का संदेश दिया।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और उच्च शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों की जानकारी साझा की। कुलपति प्रो. एन. के. जोशी ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, परिसर निदेशक प्रो. एम. एस. रावत, कुलसचिव दिनेश चन्द्रा सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, विद्या परिषद एवं कार्य परिषद के सदस्य, गणमान्य अतिथि, छात्र-छात्राएं एवं उनके अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।