देहरादून,
वीर बाल दिवस के अवसर पर उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बुधवार को अनुसंधान विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान (आईआरडीटी) ऑडिटोरियम, सर्वे चौक, देहरादून में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के चारों वीर साहिबजादों—साहिबजादा अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह—के अद्वितीय साहस एवं बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में साहस, नैतिक मूल्यों, आत्मसम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूकता का प्रसार करना था। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने आशीर्वचन संदेश के माध्यम से वीर बाल दिवस को महान वीर बालकों के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अनुपम बलिदान का प्रतीक बताया।
इस अवसर पर हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के विद्यार्थियों द्वारा गुरुबाणी कीर्तन की भावपूर्ण संगीतमय प्रस्तुति दी गई। साथ ही सभी बच्चों, शिक्षकों एवं गणमान्य अतिथियों ने एक स्वर में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया।
कार्यक्रम में उपस्थित कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि साहिबजादों का साहस, त्याग और धर्म के प्रति अटूट निष्ठा आज भी बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि साहिबजादों ने अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध खड़े होकर मानवता, धर्म और मूल्यों की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया, जो भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंने वीर बाल दिवस मनाए जाने के निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और बच्चों को आत्मविश्वास व मूल्यों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 08 बच्चों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वैष्णवी सिंह, यमायर तोमर एवं योहाना तोमर को सम्मानित किया गया। वहीं राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में सूरज देव वर्मा, सारलोंग हानसे, योगा में अंकित पटेल, टेबल टेनिस में दनिराज त्रिपुरा तथा निबंध प्रतियोगिता में हेम्फू सारमोन एंग्थी को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने बच्चों को बाल अधिकारों, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी दी और सुरक्षित एवं समावेशी समाज बनाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने बताया कि संकटग्रस्त बच्चों की सहायता के लिए 24 घंटे 1098 टोल-फ्री आपातकालीन सेवा उपलब्ध है।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बच्चों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और नैतिक मूल्यों की जानकारी देते हुए कहा कि समाज का भविष्य बच्चों के हाथों में है, इसलिए उन्हें सुरक्षित, शिक्षित और सशक्त बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के अंत में आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, बच्चों, शिक्षकों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर हेमकुंड मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार वरनवाल, अनु सचिव डॉ. एस.के. सिंह, आयोग के पूर्व सदस्य विनोद कपरवान, डीपीओ जितेंद्र कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी वी.के. ढौडियाल सहित बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।