उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन—शासनादेश जारी न होने पर कांग्रेस का सरकार पर सवाल

देहरादून।
सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेशों के बावजूद समान कार्य के लिए समान वेतन का शासनादेश अभी तक जारी न होने पर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने राज्य सरकार की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हड़ताली कर्मचारियों को दिए गए लिखित आश्वासन को 15 दिन बीत जाने के बाद भी शासनादेश जारी न होना सरकार की वादा-खिलाफी को दर्शाता है।


💬 धस्माना का आरोप — “सरकार ने फिर किया धोखा”

पत्रकारों से बातचीत में धस्माना ने कहा—

  • अप्रैल 2021 में 56 दिन चली उपनल कर्मचारियों की हड़ताल में भी सरकार ने दो-दो मंत्रियों के माध्यम से आश्वासन दिया था, लेकिन कर्मचारी धोखा खाकर लौटे

  • इस बार कर्मचारियों के पक्ष में हाई कोर्ट नैनीताल और सुप्रीम कोर्ट दोनों के स्पष्ट आदेश होने के बावजूद उन्हें 15 दिन सड़क पर धरना और भूख हड़ताल करनी पड़ी।

  • सरकार ने लिखित आश्वासन देकर हड़ताल खत्म करवाई, लेकिन आज की तारीख तक कोई शासनादेश जारी नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि यह रवैया सरकार की नियत पर संदेह पैदा करता है।


📢 कांग्रेस की मांग

धस्माना ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की स्पष्ट मांग है कि—

1️⃣ समान कार्य के लिए समान वेतन का शासनादेश तत्काल जारी किया जाए।
2️⃣ सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप सभी उपनल कर्मचारियों को समान वेतन का लाभ दिया जाए।
3️⃣ सभी उपनल कर्मियों के चरणबद्ध नियमितीकरण कार्यक्रम की घोषणा की जाए।

One thought on “उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन—शासनादेश जारी न होने पर कांग्रेस का सरकार पर सवाल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *